बांग्लादेश में तेल संकट को लेकर बिगड़े हालात, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लगीं


ढाका, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ रहा है। बांग्लादेश भी इससे अछूता नहीं है। बांग्लादेश में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की लंबी कतारें लग रही हैं। तेल की कमी होने की आशंका के चलते लोग घबराहट में ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने बार-बार आश्वासन दिया है कि ईंधन की आपूर्ति स्थिर है, फिर भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सरकार ने 18 अप्रैल को पावर, एनर्जी और मिनरल रिसोर्स डिवीजन से जारी एक नोटिफिकेशन के जरिए कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की। डीजल की कीमत में प्रति लीटर 15 बांग्लादेशी टका की बढ़ोतरी की गई है, जबकि ऑक्टेन 20 टका, पेट्रोल 19 टका और केरोसिन 18 टका प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है। नई दरें रविवार रात से लागू हो गई हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राइवेट कार मालिकों, पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और छोटे बिजनेस मालिकों समेत कई लोगों को फ्यूल भरवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे काम के समय और कमाई में काफी नुकसान हो रहा है।

मीरपुर में एक राइड शेयरिंग ड्राइवर अब्दुल करीम ने कहा कि लंबी देरी से उनकी इनकम पर असर पड़ा है। बांग्लादेशी अखबार द ढाका ट्रिब्यून ने उनके हवाले से कहा, “मैं आमतौर पर एक दिन में 12 से 14 ट्रिप करता हूं, लेकिन अब फ्यूल के लिए लाइन लगने में ही मेरे दो से तीन घंटे खराब हो जाते हैं। मेरी रोज की कमाई लगभग 30 फीसदी कम हो गई है।”

उत्तरा की स्कूल टीचर शहाना बेगम ने अपने रोज के आने-जाने की परेशानी बताते हुए कहा, “मैंने कल शाम फ्यूल भरवाने के लिए लगभग डेढ़ घंटे इंतजार किया। रोज के कामों की प्लानिंग करना तनाव भरा होता जा रहा है, क्योंकि आपको कभी नहीं पता होता कि लाइन कितनी लंबी होगी।”

बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शॉर्ट-टर्म डिस्ट्रीब्यूशन एडजस्टमेंट और डिमांड में बढ़ोतरी से ऑपरेशन पर दबाव पड़ा है।

अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर ढाका ट्रिब्यून से कहा, “पूरे देश में फ्यूल की कोई कमी नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में डिमांड तेजी से बढ़ी है। ट्रांसपोर्ट शेड्यूलिंग की दिक्कतों की वजह से कुछ स्टेशनों को सप्लाई में कमी का सामना करना पड़ रहा है।”

ढाका में मीडिया से बात करते हुए पावर, एनर्जी और मिनरल संसाधन मंत्री इकबाल हसन महमूद टुकू ने स्थिति को युद्ध के समय जैसा बताया।

उन्होंने कहा, “फ्यूल विदेशी करेंसी से ही खरीदना होगा। कीमतें थोड़ी बढ़ाकर, हम हालात को ठीक रखने की कोशिश कर रहे हैं। युद्ध का नतीजे दुनियाभर में होते हैं।”

बांग्लादेश के कंज्यूमर्स एसोसिएशन के ऊर्दा सलाहकार एम. शमसुल आलम ने फ्यूल की कीमतें बढ़ाने के फैसले को भरोसे का उल्लंघन बताया और कहा कि सरकार ने जनता को भरोसा दिलाया था कि महीने के बीच में कीमतें नहीं बढ़ाई जाएंगी।

उन्होंने कहा, “महीने के एडजस्टमेंट के अपने ही नियम को तोड़कर, उन्होंने भरोसे को कमजोर किया है।” हालांकि अधिकारी का कहना है कि पूरे देश में फ्यूल की कोई कमी नहीं है, लेकिन पेट्रोल पंपों पर लगातार लगने वाली लाइनें डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में कमियों और लोगों के भरोसे में कमी को दिखाती हैं।

–आईएएनएस

केके/वीसी


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