शक्ति भवन में रविवार को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है। जिन घरों में स्मार्ट मीटर हाल ही में लगाए गए हैं, वहां करीब 15 दिन की कन्वर्जन टाइम और उसके बाद 30 दिन, यानी कुल 45 दिन तक बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
बिजली के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। अब बैलेंस खत्म होने के बाद अधिकतम 3 दिन या ₹200 तक (2 किलोवाट लोड तक) बिजली सप्लाई जारी रहेगी। उपभोक्ताओं को समय रहते जानकारी देने के लिए 5-स्तरीय SMS अलर्ट सिस्टम लागू किया जाएगा।
इसमें बैलेंस 30 फीसदी होने पर पहला, 10 फीसदी पर दूसरा, बैलेंस खत्म होने पर तीसरा, डिस्कनेक्शन से एक दिन पहले चौथा और कनेक्शन कटने के बाद पांचवां मैसेज भेजा जाएगा। रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में किसी भी हालत में बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, भले ही बैलेंस खत्म हो जाए।
दरअसल, बैलेंस खत्म होते ही स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की बिजली कट जा रही थी। इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही थी। इसके विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहा था।
स्मार्ट मीटर में आ रही तकनीकी खामी
मंत्री ने कहा कि स्मार्ट या प्रीपेड मीटर में जो टेक्निकल खामियां है। इसके बारे में जन प्रतिनिधियों ने भी जानकारी दी है। इस वजह से स्मार्ट मीटर पर रोक लगा दी गई है। एक तकनीकी समिति बनाई गई है। इसमें आईआईटी कानपुर के दो प्रोफेसर भी शामिल हैं।
इसके साथ ही अन्य विशेषज्ञ भी हैं। यह रिपोर्ट आने तक स्मार्ट मीटर लगाने की पूरी प्रक्रिया पर रोक रहेगी। प्रदेश में 82 लाख मीटर लग चुके हैं। इसमें से 70 लाख लोगों ने पेमेंट किया है। उपभोक्ताओं का भी यह कहना है कि पैसा भरने के बाद भी 5-6 घंटे तक का समय लग रहा है।
इसे कुछ मिनट में कनेक्शन जुड़ने की प्रक्रिया पूरी हो इसके लिए काम किया जा रहा है। सामान्य और गरीब उपभोक्ताओं को बिजली कटौती गर्मी में न झेलना पड़े। इसके कारण माइनस बैलेंस होने पर भी बिजली जुड़ी रहेगी।
