पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि छतर मंजिल को करीब 100 कमरों वाले भव्य हेरिटेज होटल में बदला जाएगा। यहां ऑल-डे डाइनिंग रेस्तरां, इमर्सिव डाइनिंग, स्थानीय शिल्प उत्पादों की रिटेल आर्केड जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। इसका उद्देश्य इस ऐतिहासिक इमारत को एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र बनाना है। इसके अलावा रोशन-उद-दौला भवन को 26 कमरों वाली बुटीक लग्जरी प्रॉपर्टी के रूप में विकसित किया जाएगा।
लखनऊ में पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ऐतिहासिक धरोहरों रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को अब आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित कर पर्यटन के प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा, मंजूरी मिलते ही इन परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत ‘एडेप्टिव रियूज़’ मॉडल पर आगे बढ़ाया जाएगा।
यहां प्री-वेडिंग फंक्शन, पारिवारिक आयोजन और कॉर्पोरेट मीटिंग्स के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही स्पा और पारंपरिक वेलनेस सेवाएं भी दी जाएंगी। योजना के तहत हरौनी गांव की महिलाओं को हस्तकला, साड़ी और कंबल जैसे उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कारीगरों को पहचान और महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
