उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं पर मुहर लगाते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने राज्य को देश का प्रमुख ‘ग्रोथ इंजन’ बताया है। लखनऊ में टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस को फ्लैग ऑफ करने के ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की उपस्थिति दोगुनी से भी अधिक होने वाली है। चंद्रशेखरन ने बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल माहौल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य अब उद्योगों के विस्तार के लिए सबसे सुरक्षित और संभावनाशील गंतव्य बन चुका है।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख ‘ग्रोथ इंजन’ बताया। लखनऊ में टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस को हरी झंडी दिखाते हुए उन्होंने घोषणा की कि टाटा समूह यूपी में अपनी उपस्थिति दोगुनी से अधिक करेगा। अगले पांच वर्षों में टीसीएस में नौकरियां 20,000 से बढ़कर 40,000 होंगी। टाटा मोटर्स राज्य को इलेक्ट्रिक, सीएनजी और हाइड्रोजन वाहनों का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
TCS और तकनीकी क्षेत्र में नौकरियों की धूम
आईटी और सर्विस सेक्टर में भी टाटा समूह यूपी में बड़ी छलांग लगाने को तैयार है। चंद्रशेखरन के अनुसार, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) वर्तमान में लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में लगभग 20,000 प्रोफेशनल्स के साथ काम कर रही है। अगले पांच वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर 40,000 करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में भी समूह का विस्तार होगा, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए द्वार खुलेंगे।
सामाजिक सरोकार: जल संरक्षण और AI पर जोर
औद्योगिक विकास के साथ-साथ टाटा समूह सामाजिक उत्तरदायित्वों में भी सक्रिय है। समूह मथुरा में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और गोरखपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रहा है। एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी नीतियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सक्रिय सहयोग के कारण ही टाटा समूह आज यूपी के विकास में इतनी बड़ी भूमिका निभा पा रहा है।
