योगी सरकार का बड़ा फैसला :1 अप्रैल से नई दरें प्रभावी, श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 21% तक इजाफा

औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा के बाद सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए यह फैसला लिया है, जिससे श्रमिकों को तत्काल राहत मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि 20,000 मासिक न्यूनतम वेतन लागू होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में अंतरिम वृद्धि कर दी गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस निर्णय के तहत अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में करीब 3000 तक की बढ़ोतरी की गई है। 

सरकार ने संकेत दिया है कि आगामी माह में वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसकी सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम वेतन का स्थायी निर्धारण किया जाएगा। साथ ही श्रमिकों के स्वास्थ्य, पेंशन और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है । हाल ही में हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर हुई हिंसक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 

श्रमिक संगठनों ने आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए हिंसा में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई है। प्रशासन ने ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जनपद स्तर पर श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। श्रमिक अपनी शिकायतें 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862 और 120-2978702 नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं।सरकार ने नियोक्ता संगठनों और श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद जारी रखते हुए औद्योगिक शांति और निवेश अनुकूल वातावरण बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में विकास और कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

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