अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम मस्तेमऊ स्थित गाटा संख्या 1151 (क्षेत्रफल 0.721 हेक्टेयर), 1150 (0.316 हेक्टेयर) तथा 1170 मि (0.076 हेक्टेयर) की भूमि राजस्व अभिलेखों में नवीन परती के रूप में दर्ज है। इन शासकीय भूमियों पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे नगर निगम की संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा था।
सरकारी जमीन को कब्जा करके उसे बेचने वाले प्रापर्टी डीलरों पर नगर निगम ने मंगलवार को कार्रवाई की। मस्तेमऊ में अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बुलडोजर ने 1.113 हेक्टेयर सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया। जमीन की कीमत अनुमानित बाजार में दस करोड़ की बताई जा रही है।
सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके का निरीक्षण किया और बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान टीम का नेतृत्व नायब तहसीलदार तेजस्वी प्रकाश ने किया।
नगर निगम के अनुसार, इस कार्रवाई के तहत कुल 1.113 हेक्टेयर बेशकीमती सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। यह भूमि भविष्य में जनहित के कार्यों और विकास परियोजनाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। दरअसल प्रापर्टी डीलर सरकराी जमीन की प्लाटिंग कर उसे बेच रहे हैं और उसे खरीदने वाले ठगी का शिकार हो रहे हैं। नगर निगम की तमाम जमीनों पर भी इसी तरह से कब्जे हो गए, जो पूर्व में तैनात अधिकारियों व लेखपाल की मिलीभगत से हुए थे।
