लखनऊ: LDA की चार आवासीय योजनाओं का स्वरूप बदलेगा, जर्जर भवनों की जगह लेंगे हाईटेक अपार्टमेंट

 राजधानी में दशकों पहले विकसित आवासीय योजनाओं का अब स्वरूप बदलने जा रहा है। प्रथम चरण में वजीर हसन रोड, पेपर मिल कॉलोनी व कानपुर रोड योजना, सेक्टर-जी में मल्टीस्टोरी भवनों को री-डेवलप करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

शासन ने हाल में उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 लागू की है, जिसमें शहरी क्षेत्र में री-डेवलमेंट से विकास व सुविधाओं को उच्चीकृत करने पर जोर दिया गया है।

इन कॉलोनियों में अभी सीमित सुविधाओं के बीच जी प्लस थ्री स्ट्रक्चर के ही भवन हैं, वहां अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस गगनचुंबी इमारतें बनेंगी। एलडीए ने अपनी पुरानी आवासीय योजनाओं के पुनर्विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

इस संबंध में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आदेश जारी करते हुए अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया, हजरतगंज में वजीर हसन रोड पर वर्ष 1988 में प्राधिकरण ने मल्टीस्टोरी भवनों का निर्माण कराया था।

योजना में जी प्लस थ्री स्ट्रक्चर के चार टावर हैं, जिनमें कुल 64 फ्लैट्स हैं। योजना का प्रारंभिक सर्वे कराया गया, जिसमें 60 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। तीन फ्लैटों की रजिस्ट्री आवंटियों के स्तर से लंबित है, जबकि एक फ्लैट अभी आवंटित नहीं हुआ है।

मिलेंगी सुविधाएं, आवंटी भी होंगे समायोजित

चार दशक पहले बने इन भवनों की स्थिति जर्जर हो चुकी है। योजना में नियोजित पार्क व पार्किंग क्षेत्र में कब्जे हैं। कई फ्लैटों में मूल आवंटी के स्थान पर अनाधिकृत लोग काबिज हैं, जबकि यह योजना प्राइम लोकेशन पर है।

री-डेवलपमेंट नीति के तहत यहां बहुमंजिला अपार्टमेंट बनने से लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही पुराने आवंटियों को पुनर्विकसित भवनों में समायोजित किया जाएगा।

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