vबेंगलुरु, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक में प्रमुख लिंगायत संत बसव जयमृत्युंजय स्वामीजी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में सोमवार को बड़ा मोड़ आ गया। बेंगलुरु की उस महिला ने, जिसने पहले उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, अब यू-टर्न लेते हुए दावा किया है कि उसका और स्वामीजी का नाम गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया और यह पूरा मामला झूठे प्रचार का हिस्सा है।
हाल ही में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता बताई जा रही इस महिला ने सोमवार को एक अज्ञात स्थान से वीडियो जारी किया। उसने कहा कि वह जल्द ही उचित समय पर मीडिया के सामने पेश होगी।
महिला ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृह मंत्री जी परमेश्वर को संबोधित एक पत्र भी जारी किया। इसमें उसने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर झूठा प्रचार फैलाने की साजिश रची।
महिला ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उसके और स्वामीजी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और असत्य हैं। उसने यह भी कहा कि वह चार से पांच दिनों के भीतर लौटकर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी देगी।
महिला के इस नए बयान से मामले में नया मोड़ आ गया है और शुरुआती शिकायत की परिस्थितियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों द्वारा इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच किए जाने की संभावना है।
गौरतलब है कि बसव जयमृत्युंजय स्वामीजी, जो कुदालसंगम पंचमसाली पीठ के प्रमुख हैं और पंचमसाली लिंगायत समुदाय के आरक्षण आंदोलन से जुड़े एक प्रमुख चेहरा हैं, पर पहले रेप, यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल के गंभीर आरोप लगे थे।
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि स्वामीजी ने उसके साथ यौन शोषण किया और लगातार उत्पीड़न किया। इसके साथ ही, यह भी दावा किया गया था कि उसने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस आयुक्त सीमंथ कुमार सिंह और राज्य महिला आयोग को लिखित शिकायतें भेजी थीं।
वहीं, स्वामीजी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए विजयपुरा में महिला के खिलाफ पलट शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि महिला और कुछ अन्य लोग राजनीतिक प्रभाव में आकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
–आईएएनएस
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