वीआईपी मूवमेंट के कारण सोमवार को सोमनाथ द्वार से लॉरेटो चौराहा की ओर जाने वाला यातायात जाम से जूझता रहा। करीब आठ महीने पहले तैयार किया गया पुल बैरिकेडिंग से बंद रहा और वाहन पुराने पतले पुल होकर रेंगते रहें। नया पुल रेलवे और पीडब्लयूडी के बीच फंस गया है। पीडब्ल्यूडी को नए पुल से रेलवे ऑफिसर्स क्लब मोड़ तक करीब 350 मीटर का एप्रोच रोड बनाना है। लेकिन यह काम पूरा न होने के कारण नए पुल पर यातायात शुरू ही नहीं हो पा रहा है।
साेमनाथ द्वार चौराहा पर सुलतानपुर रोड और रायबरेली रोड का यातायात मिलता है और दो लेन के कटाई वाला पुल से होकर रेलवे ऑफिसर्स क्लब होते हुए लारेटो चौराहा की ओर जाता है। सुबह नौ से 11 और शाम छह से रात आठ बजे तक यातायात का दबाव अधिक होने से इस पुराने पुल पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
लखनऊ में सोमनाथ द्वार पर नया कटाई वाला पुल आठ महीने से बंद है, जिससे भारी जाम लग रहा है। रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच एप्रोच रोड निर्माण को लेकर विवाद है।
मौजूदा कटाई वाला पुल का निर्माण लखनऊ में रेल नेटवर्क बिछाते समय सन 1872 में किया गया था। रेलवे अब जबकि लखनऊ स्टेशन से दिलकुशा तक नार्थ व साउथ को दो की जगह चार लाइन का बना रहा है, ऐसे में कटाई वाला पुल के चौड़ीकरण की भी जरूरत थी। रेलवे ने पीडब्ल्यूडी के साथ मिलकर कटाई वाला पुल के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया था।
इसके तहत रेल लाइन के ऊपर चार लेन का पुल बनाने का काम 14.50 करोड़ रुपये की लागत से पिछले साल अगस्त में पूरा हो गया था। पीडब्ल्यूडी को 350 मीटर लंबा एप्रोच रोड़ बनाने के लिए रेलवे ने 3.50 करोड़ रुपये दे दिए हैं। हालांकि आठ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एप्रोच रोड नहीं बन पा रही है। इस कारण पुल को रेलवे शुरू नहीं कर रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पिछले सप्ताह पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को एक पत्र फिर से भेजा गया है।
