- उ0प्र0 की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने 05.17 करोड़ रु0 की लागत से निर्मित आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन का उद्घाटन किया
- यदि हम अच्छी परम्पराएं विकसित करेंगे, तो हमारी आने वाली पीढ़ी अच्छी व संस्कारवान बनेगी : राज्यपाल
- आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन में गरीबों के बच्चे व जनभवन में कार्यरत कार्मिकों के बच्चे आधुनिक, संस्कारयुक्त व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर रहे
- हमारी वर्तमान पीढ़ी के ऊपर देश का भविष्य निर्भर, इसलिए शिक्षा संस्थानों को आधुनिक व तकनीकी रूप से दक्ष होना चाहिए : मुख्यमंत्री
- परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता, परिश्रमी व्यक्ति सदैव अपने मंजिल को प्राप्त करने में सफल होता है
- आदर्श माध्यमिक विद्यालय जनभवन, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के लिये एक मॉडल
- आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन की तरह ही हमें सी0एम0 कम्पोजिट विद्यालय व सी0एम0 अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालयों में नवाचार से सम्बन्धित गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा
केसरिया न्यूज़, लखनऊ 13 अप्रैल| उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां जनभवन में 05.17 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आदर्श माध्यमिक विद्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर ‘हमारा जनभवन’ पुस्तक का विमोचन किया गया और स्कूल बस की चाभी प्रधानाचार्य व वाहन चालक को प्रदान की गयी।

राज्यपाल जी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि बच्चे हमारा भविष्य हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश में शिक्षा, महिलाओं के उत्थान एवं अनेक जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में जनभवन में पूर्व में स्थापित प्राथमिक विद्यालय को एक आदर्श माध्यमिक विद्यालय के रूप में स्थापित करने का कार्य किया गया है। इस विद्यालय में गरीबों के बच्चे व जनभवन में कार्यरत कार्मिकों के बच्चे आधुनिक, संस्कारयुक्त व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बच्चों की संख्या बढ़कर साढ़े चार सौ तक पहुंची गयी है, जिसे हमें एक हजार तक लेकर जाना है। यदि हम अच्छी परम्पराएं विकसित करेंगे, तो हमारी आने वाली पीढ़ी अच्छी व संस्कारवान बनेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘अमन्त्रमक्षरं नास्ति नास्ति मूलमनौषधम्, अयोग्यः पुरुषो नास्ति योजकस्तत्र दुर्लभः’ अर्थात ऐसा कोई अक्षर नहीं हैं जिसमें मन्त्र शक्ति ना हो, ऐसा कोई पौधा नहीं है जिसमें औषधीय गुण न हो तथा ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसमें योग्य बनने की सामर्थ्य न हो, लेकिन उसके लिये योजक चाहिए। योजक के रूप में राज्यपाल जी की भूमिका हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आदर्श माध्यमिक विद्यालय जनभवन, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के लिये एक मॉडल बनकर सामने आया है। इस विद्यालय का भव्य भवन, अच्छी लैब, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, बच्चों की प्रतिभा व उनका आत्मविश्वास सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। आज जनभवन की टीम गणतन्त्र दिवस परेड, खेल गतिविधियों इत्यादि में शामिल होती है। आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन की तरह ही हमें सी0एम0 कम्पोजिट विद्यालय व सी0एम0 अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालयों में नवाचार से सम्बन्धित गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा, क्योंकि समाज में किसी चीज को हम जैसा प्रस्तुत करेंगे, लोग उसको उसी रूप में अंगीकार करेंगे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी वर्तमान पीढ़ी के ऊपर देश का भविष्य निर्भर है। इसलिए शिक्षा संस्थानों को आधुनिक व तकनीकी रूप से दक्ष होना चाहिए। परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। परिश्रमी व्यक्ति सदैव अपने मंजिल को प्राप्त करने में सफल होता है। हमारे महापुरुषों ने अपने ज्ञान से देश व दुनिया को नई राह दिखायी है। इनमें वैद्य जीवक ने आयुर्वेद के ज्ञान से लोगों को परिचित कराया। आर्यभट्ट ने शून्य और खगोलविज्ञान की अद्भुत अवधाराणाएं दीं। आकाश के रहस्यों का ज्ञान कराने वाले पहले खगोलशास्त्री वराहमिहिर थे। सुश्रुत ने सर्जरी तथा चरक ने आयुर्वेद को विज्ञान का स्वरूप दिया। वनस्पतियों में भी जीव का अंश है, यह बात भारत के महान वैज्ञानिक श्री जगदीश चन्द्र बसु ने बतायी। प्रकाश के रहस्यों से सभी का परिचय वैज्ञानिक सी0वी रमन ने कराया।

हमें बच्चों के मन में चीजों को जानने के प्रति जिज्ञासा पैदा करनी होगी तथा अध्ययन व अध्यापन कार्य को रोचक बनाना होगा। प्रदेश सरकार के प्रयासों से सरकारी स्कूल भी अब कॉन्वेंट और पब्लिक स्कूल की तरह डेवलप हुये हैं, जिन्हें हमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिये तैयार करना होगा। आज आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन उस प्रतिस्पर्धा के लिए अपने आप को तैयार कर रहा है। आने वाले समय में यहीं से भविष्य के आर्यभट्ट, वराहमिहिर, सुश्रुत और चरक तैयार होंगे तथा जगदीश चन्द्र बसु और सी0वी0 रमन जैसे महान वैज्ञानिक भी निकलेंगे।

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संदीप सिंह, अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा, विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल श्री सुधीर एम0 बोबडे ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, बच्चे व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
