- जनपद मुजफ्फरनगर में ₹951 करोड़ से अधिक लागत की 423 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन
केसरिया न्यूज़, मुजफ्फरनगर, 13 अप्रैल| मुजफ्फरनगर में सोमवार को ₹951 करोड़ से अधिक लागत की 423 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत, सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के गुलामी काल में भी जगन्नाथ पुरी से सोमनाथ, काशी विश्वनाथ से रामेश्वरम तक धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए समर्पित भाव से कार्य किया। उन्होंने कहा कि न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल भी अहिल्याबाई होल्कर ने ही प्रस्तुत किया था, जो आज भी प्रासंगिक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मालवा की शासिका होते हुए भी उनका दृष्टिकोण पूरे देश की विरासत को सुरक्षित रखने का था। काशी विश्वनाथ धाम का वर्तमान स्वरूप भी उनके प्रयासों का परिणाम है, जिसे मुगल शासक औरंगजेब द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद उन्होंने पुनर्निर्मित कराया। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देश की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत में नागरिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और यह बदलते भारत की पहचान है। उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा कि क्या ऐसी सुरक्षा और संतोष की अनुभूति अन्य देशों में संभव है। उनके अनुसार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 145 करोड़ देशवासियों को सुरक्षा और स्थिरता का अनुभव हो रहा है।
वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में महंगाई चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के बाद पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन भारत में इन्हें नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि आम जनता को राहत देने के लिए सरकार प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च कर रही है ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वहां के हालात बेहद कठिन हैं, जबकि भारत निरंतर प्रगति और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यही नए भारत की ताकत है, जो वैश्विक चुनौतियों के बीच भी मजबूती से खड़ा है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को सचेत करते हुए कहा कि अशांति फैलाने वालों से सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने उद्यमियों से श्रमिकों और कर्मचारियों के साथ सीधे संवाद स्थापित करने की अपील की। साथ ही भरोसा दिलाया कि सरकार श्रमिकों और उद्योग दोनों के हितों की रक्षा करेगी, उन्हें सुरक्षा प्रदान करेगी और उचित मानदेय सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि श्रमिकों के हित में एक निगम का गठन किया जा चुका है, जिसकी सिफारिशों को इसी महीने से लागू किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में कामगारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
