नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 20वें मैच में मुंबई इंडियंस (एमआई) के हाथों 18 रन से हार का सामना करना पड़ा। इरफान पठान और हरभजन सिंह ने एमआई के चेज में कमियों, आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार की पारी, विराट कोहली की भूमिका और क्रुणाल पांड्या की गेंदबाजी का विश्लेषण किया है।
‘जियोहॉटस्टार’ पर इरफान पठान ने रन चेज के दौरान एमआई के प्रदर्शन के बारे में कहा, “बैटिंग में कुछ चिंताएं हैं, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या 240 रन लुटाने से शुरू होती है। फिर भी, इस तरह की पिच पर 241 रनों का पीछा करते हुए, आप उनसे उम्मीद करते हैं कि वे लक्ष्य के करीब तो पहुंचेंगे ही। समस्या यह थी कि पावरप्ले में उन्हें ठोस शुरुआत नहीं मिली और उन्होंने जल्दी विकेट गंवा दिए, जिससे मिडिल ऑर्डर पर दबाव आ गया। मिडिल ओवर्स में, ऐसे कुछ मौके आए जब वे बड़े शॉट लगा सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। हार्दिक पंड्या ने रन बनाए, लेकिन वे कभी भी पूरी तरह से नियंत्रण में नहीं दिखे। तिलक वर्मा की पिछली कुछ पारियां शांत रही हैं, और रिकेल्टन जैसे खिलाड़ियों को स्पिन के खिलाफ और भी विकल्प तलाशने की जरूरत है। इन्हीं छोटी-छोटी कमियों ने मैच का नतीजा बदल दिया।”
आरसीबी की तरफ कप्तान रजत पाटीदार ने 20 गेंदों में 5 छक्कों और 4 चौकों के साथ 53 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी के दम पर टीम ने निर्धारित ओवरों में 240/4 का स्कोर खड़ा किया।
कप्तान पाटीदार की पारी पर इरफान पठान ने कहा, “रजत पाटीदार गेंदबाजों के लिए एक बुरे सपने की तरह रहे हैं। वह मैदान पर आते ही पहली गेंद से ही आक्रामक खेलना शुरू कर देते हैं। उनकी यही सोच बहुत बड़ा फर्क पैदा करती है। जैसे ही वह क्रीज पर आए, उन्होंने मैच का मिजाज ही बदल दिया। उनकी खेली गई हर गेंद को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह बाउंड्री पार कर जाएगी। वह आरसीबी की बैटिंग लाइन-अप की सबसे बड़ी सकारात्मक बात रहे हैं, उनका यही अंदाज आरसीबी के स्कोर को विपक्षी टीम के स्कोर से बिल्कुल अलग बनाता है।”
वहीं, हरभजन सिंह ने विराट कोहली की पारी का आकलन किया, जिन्होंने 38 गेंदों में 1 छक्के और 5 चौकों के साथ 50 रन की पारी खेली। भज्जी ने कोहली की पारी को लेकर कहा, “विराट कोहली की हाफ-सेंचुरी थोड़ी धीमी गति से आई। आप देख सकते थे कि वह पूरी तरह से संतुष्ट नहीं थे, खासकर जिस तरह से फिल सॉल्ट दूसरे छोर पर रन बना रहे थे। लेकिन उनकी भूमिका बहुत अहम थी। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि शुरुआती विकेट न गिरें और टॉप ऑर्डर को स्थिरता दी। जहां रजत पाटीदार और सॉल्ट जैसे खिलाड़ियों ने ज्यादा आक्रामक खेल दिखाया, वहीं कोहली ने पारी को संभाला और उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने का मौका दिया। जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाज के खिलाफ वह बहुत सतर्क थे और उन्होंने समझदारी से खेला, लेकिन जब भी मौका मिला, उन्होंने दूसरे गेंदबाजों का फायदा उठाने का पूरा ध्यान रखा।”
–आईएएनएस
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