नई दिल्ली, 13 अप्रैल (केसरिया न्यूज़)। भारत के आईटी में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं और साथ ही, मजबूत आधार के साथ ग्रोथ आउटलुक में सुधार हो रहा है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
बीएनपी पारिबास द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि निवेशकों की सतर्कता के बावजूद, इंडिकेटर्स मांग और आय में क्रमिक सुधार का संकेत दे रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि भर्ती गतिविधियों में वृद्धि, प्रबंधन की स्थिर टिप्पणी और क्लाउड सर्विसेज आय में निरंतर वृद्धि के कारण निकट भविष्य के रुझान अधिक सकारात्मक हो रहे हैं।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपए की वैल्यू में गिरावट के चलते भी सेक्टर के आय आउटलुक में सुधार हो सकता है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि वित्त वर्ष 26 की मार्च तिमाही में भारतीय आईटी कंपनियों की आय में तिमाही आधार पर मामूली वृद्धि देखने को मिल सकती है। वहीं, सालाना आधार पर तेज वृद्धि देखने को मिलेगी।
बड़ी कंपनियों का प्रदर्शन स्थिर रहने की संभावना है, जबकि चुनिंदा मिडकैप कंपनियां सेक्टर ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। रिपोर्ट में टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार के शुरुआती संकेतों की ओर भी इशारा किया गया है, जबकि अन्य क्षेत्र स्थिर बने हुए हैं।
मुद्रा में सकारात्मक बदलाव के चलते पूरे क्षेत्र में मार्जिन प्रदर्शन के मजबूत बने रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027 के लिए प्रमुख आईटी कंपनियों से स्थिर आय वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। बीएनपी पारिबास ने मुद्रा विनिमय के सकारात्मक प्रभाव का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए इस क्षेत्र के आय अनुमानों को लगभग 2 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट में वैश्विक आईटी कंपनियों के बीच एआई को अपनाने और रणनीतिक सहयोग में हो रही तीव्र प्रगति के बारे में भी बताया गया। प्रमुख कंपनियां बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी करके और जनरेटिव एआई और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए नए प्लेटफॉर्म लॉन्च करके अपनी एआई क्षमताओं का सक्रिय रूप से विस्तार कर रही हैं।
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