पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव को लेकर जालंधर कैंट विधायक ने की अपील


जालंधर, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह ने सीनेट चुनाव को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो शेयर किया।

परगट सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव के लिए अपील करते हुए कहा कि पहले भी, विद्यार्थियों और पंजाबियों ने मिलकर पंजाब यूनिवर्सिटी में पंजाब की मौजूदगी को कमजोर करने की केंद्र सरकार की कोशिशों का विरोध किया है। हाल ही में, हमने लगातार कोशिशों से सीनेट को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी है।

अब, सितंबर में सीनेट चुनाव होने वाले हैं। ये चुनाव पंजाब की एकेडमिक, भाषाई और कल्चरल पहचान को बचाने के लिए बहुत जरूरी हैं। मैं सभी से इसमें एक्टिव हिस्सा लेने की अपील करता हूं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के सभी ग्रेजुएट (5 साल पूरे कर चुके) और पोस्टग्रेजुएट वोट देने के लिए एलिजिबल हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में पंजाब की पहचान, भाषा और कल्चर को सुरक्षित रखना हम सबकी मिली-जुली जिम्मेदारी है।

बता दें कि पंजाब यूनिवर्सिटी (चंडीगढ़) का सीनेट चुनाव विश्वविद्यालय का सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय का चुनाव है। सीनेट में कुल 91 सदस्य होते हैं, जिनमें से कई निर्वाचित होते हैं। यह चुनाव विश्वविद्यालय की नीतियों, बजट, पाठ्यक्रम, नियुक्तियों और प्रशासनिक मामलों पर अहम भूमिका निभाता है।

सीनेट में विभिन्न वर्गों से प्रतिनिधि चुने जाते हैं। रजिस्टर्ड ग्रेजुएट्स (स्नातक मतदाता), शिक्षक (प्रोफेसर, एसोसिएट/असिस्टेंट प्रोफेसर), कॉलेज प्रिंसिपल, नॉन-टीचिंग स्टाफ चुने जाते हैं। इन चुनावों में राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की गहरी दिलचस्पी रहती है।

2026 के सीनेट चुनाव काफी चर्चित रहे। केंद्र सरकार की ओर से पहले सीनेट का आकार घटाने और संरचना बदलने का प्रयास किया गया, जिसके खिलाफ छात्रों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किए। ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुए। भारी विरोध के बाद उपराष्ट्रपति (यूनिवर्सिटी के चांसलर) ने चुनाव शेड्यूल को मंजूरी दे दी।

–आईएएनएस

एसडी/डीकेपी


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