ईरान में विमान क्रैश के बाद दांव पर अमेरिका की साख, सर्च ऑपरेशन हुआ तेज


वाशिंगटन, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका लापता पायलट की तलाश में तेजी से जुटा हुआ है। यह पायलट उस लड़ाकू विमान में था, जिसे ईरान के ऊपर मार गिराया गया। इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है और हालात ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं।

शनिवार को अमेरिकी सेना ने एफ-15 लड़ाकू विमान के एक सदस्य को ढूंढने के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी रखा। यह विमान ईरान के ऊपर मार गिराया गया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दुश्मन की गोलीबारी में अमेरिका के दो युद्धक विमान गिराए गए थे। इनमें से एक सदस्य को बचा लिया गया, लेकिन दूसरा अब भी लापता है।

यह पहली बार है जब इस युद्ध के दौरान किसी अमेरिकी विमान को ईरान की सीमा के अंदर मार गिराया गया है। इससे अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इससे युद्ध और गहरा हो सकता है।

बचाव अभियान भी आसान नहीं है। इस मिशन में शामिल अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान की तरफ से हमला किया गया, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया में लापता अमेरिकी कर्मी को पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा भी की गई है।

इसी बीच, एक ए-10 जेट पर भी निशाना बनाया गया, लेकिन उसका पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा और बाद में उसे बचा लिया गया।

दोनों देशों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को खोले, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि “समय तेजी से खत्म हो रहा है और 48 घंटे में हालात बहुत खराब हो सकते हैं।”

इसके जवाब में ईरान की सेना ने भी कड़ी चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो “नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।”

यह तनाव खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ा है, जो दुनिया के लिए तेल सप्लाई का बहुत अहम रास्ता है। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में इस रास्ते पर रोक लगा दी है। पहले अमेरिका ने दावा किया था कि उसके पास आसमान पर पूरी पकड़ है, लेकिन इस विमान को गिराए जाने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि ईरान की हवाई रक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है।

लापता पायलट की तलाश दुश्मन के इलाके में की जा रही है, जो काफी जोखिम भरा है। खबर है कि स्थानीय ईरानी लोग भी अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर गोली चला रहे हैं और कई समूह उस लापता सैनिक को खोजने में जुटे हैं।

यह मामला अमेरिका के लिए राजनीतिक रूप से भी मुश्किल पैदा कर सकता है। अगर लापता पायलट को पकड़ लिया जाता है, तो ईरान के साथ बातचीत की कोशिशों पर असर पड़ सकता है।

इस बीच, खबर है कि इजरायल ने उन इलाकों में हमले रोक दिए हैं, जहां लापता अमेरिकी कर्मी के होने की आशंका है और वह अमेरिका के साथ खुफिया जानकारी भी साझा कर रहा है। यह संघर्ष अब छठे हफ्ते में पहुंच चुका है और लगातार फैलता जा रहा है। ईरान, लेबनान और अन्य जगहों पर भी हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।

–आईएएनएस

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