द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन 2026: रूसी उप विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की भाग‍ीदारी की उम्‍मीद जताई


मॉस्को, 31 मार्च (आईएएनस)। मॉस्को में इस वर्ष के अंत में एक द्व‍िपक्षीय श‍िखर सम्‍मेलन आयोज‍ित होगा। रूसी उप व‍िदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको ने इस सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शाम‍िल होने की उम्‍मीद जताई है।

रूस की प्रमुख समाचार एजेंसी तास के अनुसार, रुडेंको ने कहा, “इस साल रूस-भारत शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की बारी रूस की है। हमें उम्मीद है कि भारतीय प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण का लाभ उठाते हुए, सुविधाजनक समय पर रूस की आधिकारिक यात्रा करेंगे।”

उन्होंने कहा कि रूस और भारत के लिए विभिन्न स्तरों पर नियमित और व्यवस्थित संपर्क बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है।

पिछले दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की एक महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा की थी। यह यात्रा राष्ट्रीय राजधानी में दो दिनों तक चली, जिसमें शिखर स्तर की वार्ता, औपचारिक कार्यक्रम और कई द्विपक्षीय चर्चाएं शामिल थीं। इन चर्चाओं में रक्षा, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा संबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

इस दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ औपचारिक वार्ता की, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-रूस साझेदारी की स्थिति की समीक्षा की।

इसके बाद 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया। ऊर्जा, परमाणु शक्ति, व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी में सहयोग पर विशेष जोर दिया गया था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में एक भोज का आयोजन किया था।

2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार रूस गए थे। पहली बार जुलाई में 22वें रूस-भारत शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए और बाद में अक्टूबर में कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए।

रूस भारत का एक पुराना और भरोसेमंद साझेदार रहा है। भारत-रूस संबंधों का विकास भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2000 में ‘भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी’ की घोषणा के बाद से दोनों देशों के संबंधों में गुणात्मक सुधार हुआ है। राजनीतिक, सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।

2010 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान इस रणनीतिक साझेदारी को “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत किया गया था।

–आईएएनएस

एवाई/डीएससी


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