सरकारी आदेशों की अनदेखी पड़ी भारी, एटा के डीपीआरओ मोहम्मद राशिद सस्पेंड


एटा, 31 मार्च (आईएएनएस)। एटा में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मोहम्मद राशिद पर बड़ी कार्रवाई की गई है। उन पर सरकारी काम में लापरवाही और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगा है। इसी वजह से उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

यह प्रकरण सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) रूपलाल से संबंधित है। शासन स्तर से रूपलाल को पूर्व में ‘नोशनल प्रमोशन’ प्रदान की गई थी, जिसके पश्चात उनके वेतन निर्धारण और देय लाभों के निस्तारण हेतु स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इन सरकारी आदेशों के बावजूद, जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मोहम्मद राशिद ने इस मामले में शिथिलता बरती। उन्होंने न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की और न ही समय सीमा के भीतर शासन को (रिपोर्ट) पेश की।

जब यह मामला उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासनिक विलंब समिति की बैठक में आया, तो वहां प्रकरण की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं थी। इससे समिति के सामने असहज स्थिति पैदा हो गई। इसे गंभीर लापरवाही माना गया। अधिकारियों का मानना है कि इतने महत्वपूर्ण मामले में इस तरह की ढिलाई बिल्कुल स्वीकार नहीं की जा सकती।

सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद राशिद ने न सिर्फ समय पर जानकारी नहीं दी, बल्कि संतोषजनक जवाब भी नहीं दे पाए। इसे उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और सरकारी कार्यों के प्रति उदासीनता माना गया। इसी के चलते पंचायती राज विभाग के निदेशक की संस्तुति पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

नियमों के तहत, उन्हें उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इस जांच के लिए संयुक्त निदेशक संजय कुमार बरनवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें एक महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

निलंबन के दौरान मोहम्मद राशिद को जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, जो आमतौर पर आधे वेतन के बराबर होता है। इसके अलावा कुछ भत्ते भी शर्तों के आधार पर दिए जाएंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें यह प्रमाण देना होगा कि वह किसी अन्य नौकरी या व्यवसाय में शामिल नहीं हैं।

निलंबन अवधि में उन्हें पंचायती राज निदेशालय से संबद्ध रखा गया है।

इसी बीच प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए एटा के एसडीएम पीयूष रावत को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, ताकि कामकाज प्रभावित न हो।

–आईएएनएस

पीआईएम/एएस


Related Articles

Latest News