झारखंड पेयजल-स्वच्छता विभाग घोटालाः ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की


रांची, 30 मार्च (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय के रांची जोनल ऑफिस ने राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े बहुचर्चित गबन मामले में पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

इस मामले में विभाग के क्लर्क सह कैशियर संतोष कुमार, उनकी पत्नी ललिता सिन्हा और एक शेल कंपनी मे. रॉकड्रिल कन्स्ट्रक्शन (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को आरोपी बनाया गया है। यह पूरा मामला विभाग के रांची स्थित स्वर्णरेखा हेड वर्क्स डिवीजन में सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग और गबन से जुड़ा है।

एजेंसी ने अपनी जांच झारखंड पुलिस की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ घोटाले का दायरा और बड़ा होता गया। जांच में खुलासा हुआ कैशियर-सह-अपर डिवीजन क्लर्क के पद पर कार्यरत संतोष कुमार अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी खजाने से करीब 22.86 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की।

चार्जशीट में बताया गया कि शुरुआती पुलिस जांच में गबन की राशि कम आंकी गई थी, लेकिन विस्तृत पड़ताल में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। फर्जी नाम पर अकाउंट बनाकर बड़े पैमाने पर फंड का अवैध ट्रांसफर किया गया।

ईडी ने चार्जशीट में बताया है कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए अलग-अलग माध्यमों से निवेश किया गया। मुख्य आरोपी संतोष कुमार ने रांची के रातू इलाके में 6.81 डिसमिल जमीन बहन के नाम पर खरीदी। इसके अलावा उसने पत्नी के नाम पर टोयोटा इनोवा क्रिस्टा गाड़ी की बुकिंग कराई। जांच में 1.78 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण, 25 से ज्यादा म्यूचुअल फंड स्कीम्स में निवेश और कई फिक्स्ड डिपॉजिट का भी पता चला है।

इस मामले में ईडी ने 26 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, जहां से 55.08 लाख रुपये की अघोषित नकदी और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे। इससे पहले, एजेंसी इस मामले में आरोपियों की करीब 2.18 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।

–आईएएनएस

एसएनसी/डीएससी


Related Articles

Latest News