अगर मैं उस गेंद पर छक्का मार सकता हूं, तो सिंगल क्यों लूं? महज 11 की उम्र में भी आक्रामक था वैभव का अंदाज


नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के साथ अपने नए सीजन के लिए कमर कस ली है। सूर्यवंशी और उनके बचपन के कोच, मनीष ओझा ने एकेडमी में बिताए वैभव के शुरुआती दिनों, आईपीएल ट्रायल्स और आईसीसी मेंस अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 के सफर पर बात की। इस दौरान कोच ने बताया कि महज 11 साल की उम्र में भी वैभव का अंदाज काफी आक्रामक था।

‘जियोस्टार’ के ‘टाटा आईपीएल ड्रीम ऑन’ पर बचपन के कोच मनीष ओझा ने वैभव सूर्यवंशी के एकेडमी में शुरुआती दिनों के बारे में बताया, “साल 2018 में वैभव पहली बार अपने पिता के साथ एकेडमी आए थे। शुरू से ही यह साफ था कि उनमें काबिलियत है और क्रिकेट के लिए सच्चा जुनून है। उन्हें बैटिंग करते समय हमेशा आक्रामक खेलना पसंद था और उनकी टाइमिंग बहुत अच्छी थी। हर सेशन में, वह 400-500 गेंदें खेलते थे और जब तक मैं उन्हें ब्रेक नहीं देता, तब तक रुकते नहीं थे।”

कोच ने बताया, “साल 2022 में, ओपन नेट सेशन के दौरान, उन्हें बैटिंग के लिए 40 ओवर का स्लॉट दिया गया था। 20 ओवर नई गेंद के गेंदबाजों के खिलाफ और फिर स्पिनर्स के खिलाफ। मैंने देखा कि उन्हें सिर्फ बड़े, ऊंचे शॉट खेलना पसंद था। मैंने उनसे कहा कि जैसे-जैसे वह अपने राज्य के लिए अंडर-16 और अंडर-19 क्रिकेट में आगे बढ़ेंगे, उन्हें सैकड़ों गेंदों का सामना करना होगा और लंबी पारी खेलनी होगी, क्योंकि वहां चार-दिवसीय क्रिकेट से शुरुआत होती है। अगर आप हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश करोगे और सिंगल्स या डबल्स को नजरअंदाज करोगे, तो आउट होने की आशंका बढ़ जाएगी। लेकिन वह कहते थे- सर, अगर मैं उस गेंद पर छक्का मार सकता हूं, तो सिंगल क्यों लूं?”

वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल ट्रायल्स के बारे में कोच ने कहा, “ट्रायल्स में वैभव को अलग-अलग टारगेट दिए गए थे, और हर बार उन्होंने उसे हासिल किया। उदाहरण के लिए, पहले ओवर में, उन्हें 18 रन बनाने का टारगेट दिया गया था, और उन्होंने तीन गेंदों में ही इसे पूरा कर लिया। उसके बाद, उन्हें बताया गया कि वह विकेट के स्क्वायर एरिया में ज्यादा शॉट खेल रहे हैं और उनसे ऑफ-साइड में ज्यादा खेलने को कहा गया, उन्होंने वहां भी बड़े शॉट खेलकर इसका जवाब दिया। एक और ट्रायल में, उन्हें एक ओवर में 24 रन बनाने का टारगेट दिया गया था, जिसे उन्होंने पांच गेंदों में हासिल कर लिया।”

आईसीसी मेंस अंडर-19 वर्ल्ड कप में वैभव के प्रदर्शन के बारे में कोच ने कहा, “अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान, वह कई बार 50 और 70 के स्कोर पर आउट हो रहे थे। वह भारत को अच्छी शुरुआत दे रहे थे, लेकिन निजी तौर पर वह पारी को अच्छे से खत्म नहीं कर पा रहे थे। इसलिए, मैंने उन्हें मैसेज किया कि सब कुछ ठीक चल रहा है और वह अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन उन्हें बस उन अच्छी शुरुआतों को बड़े स्कोर में बदलने की जरूरत है। वह खुद को बड़े स्कोर के लिए तैयार कर रहे थे, लेकिन आउट हो जा रहे थे। मैंने उनसे कहा कि यह उनके जीवन का पहला टूर्नामेंट था जिसमें उन्होंने कोई शतक नहीं बनाया था, और आखिरकार उन्होंने फाइनल में, एक बड़े मैच में, जब उनकी टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब यह कर दिखाया।”

वैभव सूर्यवंशी ने पिछले सीजन राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए 7 मुकाबलों में 36 की औसत के साथ 252 रन बनाए थे। इस दौरान 1 शतक और 1 अर्धशतक लगाया। ‘टाटा आईपीएल ड्रीम ऑन’ पर वैभव सूर्यवंशी ने अपने बचपन के हीरो और बिहार में अपने क्रिकेट के सफर के बारे में बात की। राजस्थान रॉयल्स टीम में चुने जाने पर वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “मैंने ब्रायन लारा और युवराज सिंह, दोनों को अकेले दम पर मैच खत्म करते देखा है। अगर वे क्रीज पर होते थे, तो विरोधी टीम के लिए मैच में वापसी का कोई मौका नहीं होता था। यही बात मुझे उनके बारे में सबसे ज्यादा पसंद थी। मैंने बिहार के लिए घरेलू क्रिकेट में, लीग मैचों और संभावित खिलाड़ियों के मैचों में, खूब रन बनाए। फिर सर ने मुझे बीसीसीआई के अंडर-19 टूर्नामेंट, ‘वीनू मांकड़ ट्रॉफी’ के लिए चुना। मैंने वह टूर्नामेंट खेला, और उसके बाद ‘चैलेंजर्स ट्रॉफी’ खेली।”

वैभव ने बताया, “साल 2023 में, एक चार-टीमों की सीरीज हुई थी, जिसमें भारत की दो टीमों के साथ-साथ बांग्लादेश और इंग्लैंड की टीमें भी शामिल थीं। वहीं से मैंने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की। वहां से, मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ा और ‘रणजी ट्रॉफी’ में भी अपना पहला मैच खेला। जब से मैंने घरेलू क्रिकेट में खेलना शुरू किया, तभी से राजस्थान रॉयल्स मेरे बारे में जानकारी लेने लगी थी। वे मुझे घरेलू मुकाबलों के साथ-साथ भारत के अंडर-19 के मुकाबलों में भी देख रहे थे, और उनकी स्काउटिंग टीम काफी समय से मुझ पर नजर रखे हुए थी।”

उन्होंने कहा, “जब मुझे चुना गया, तो मेरा एकमात्र लक्ष्य टीम को एक अच्छी शुरुआत देना था। मैं पावरप्ले में अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहता था। अगर मुझे अच्छी शुरुआत मिलती, तो मैं उसे जारी रखते हुए बिना अपना विकेट गंवाए लंबी पारी खेलना चाहता था। मुझे पता था कि अगर मैं अपने शॉट्स खेलूंगा, तो मैच का रुख बदल जाएगा, क्योंकि 200 से ज्यादा रनों का पीछा करना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा। इस सीजन में, लक्ष्य टीम के लिए ट्रॉफी जीतना है। अगर हम ट्रॉफी जीतते हैं, तो मेरा और टीम का प्रदर्शन अपने आप ही सुर्खियों में आ जाएगा, और यही सबसे महत्वपूर्ण बात है।”

–आईएएनएस

आरएसजी


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