मीना कुमारी के वो यादगार गाने, जो आज भी हर दिल की धड़कन हैं


मुंबई, 30 मार्च (आईएएनएस)। बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री मीना कुमारी बाद में ‘ट्रेजेडी क्वीन’ नाम से मशहूर हुईं। अभिनेत्री ने करीब 30 साल के फिल्मी सफर में कई यादगार किरदार निभाए और एक शानदार विरासत छोड़ गईं। उनकी अदाकारी के साथ-साथ फिल्मों के गीत भी आज तक लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।

उनकी याद में हम आपको बेहतरीन गानों के बारे में बताते हैं, जिनमें से कुछ आज भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते रहते हैं।

अजीब दास्तां है ये : यह गाना साल 1969 में रिलीज हुई फिल्म ‘दिल अपना और प्रीत पराई’ के लोकप्रिय गीतों में शुमार हैं। गाने को शैलेंद्र ने लिखा, जबकि शंकर-जयकिशन ने संगीतबद्ध किया और लता मंगेशकर ने गाया है। मीना कुमारी और राज कुमार पर फिल्माया गया यह गीत अनकहे प्यार, दिल की उलझनों और भावनात्मक तकलीफ को बहुत खूबसूरती से बयां करता है।

‘इन्हीं लोगों ने ले लीना दुपट्टा मेरा’: 1972 में आई फिल्म ‘पाकीजा’ में मीना कुमारी ने इस गाने पर डांस किया था। मीना कुमारी की अदाकारी में इस गाने का जादू और भी बढ़ा दिया था। यह गाना 1956 में लिखा गया था, लेकिन फिल्म में कमाल अमरोही ने इसे शाही अंदाज में पेश किया था।

‘चलते-चलते यूं ही कोई मिल गया था’ – फिल्म पाकीजा का यह दूसरा गीत भी लता मंगेशकर ने ही गाया था। मीना कुमारी ने बीमार होने के बावजूद इस गाने को फिल्माया था। यह उनकी आखिरी फिल्मों में से एक थी। गाने में एक अचानक हुई मुलाकात और उसके बाद की भावनाओं को खूबसूरती से दिखाया गया है। यह गाना मीना कुमारी की अदाकारी और भावपूर्ण अभिनय का शानदार मिश्रण है।

हम तेरे प्यार में सारा आलम : फिल्म ‘दिल एक मंदिर’ का यह गाना मीना कुमारी की निस्वार्थ प्रेम की कहानी को दर्शाता है। लता मंगेशकर की आवाज में गाया गया यह गीत शंकर-जयकिशन के संगीत और हसरत जयपुरी के बोलों से सजा है। यह गाना एक लव ट्रायंगल पर आधारित है, जहां सीता (मीना कुमारी) अपने पति राम (राज कुमार) के कैंसर का इलाज कराते हुए उनके डॉक्टर धर्मेश (राजेंद्र कुमार) के प्रति अपनी भावनाओं को छुपाती हैं।

मीना कुमारी की फिल्में और गाने आज भी क्लासिक माने जाते हैं। उनकी अदाकारी में एक खास तरह का दर्द था, जो दर्शकों को सीधे दिल से जुड़ता था।

–आईएएनएस

एनएस/वीसी


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