नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। कौशल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाला भारत का प्रमुख मंच इंडियास्किल्स राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2025-26 का ग्रेटर नोएडा में एक भव्य उद्घाटन समारोह के साथ शुभारंभ हुआ। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के तत्वावधान में आयोजित और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा समर्थित यह प्रतियोगिता देश भर से 650 से अधिक कुशल युवाओं को एक साथ लाती है। ये सभी युवा राष्ट्रीय और वैश्विक उद्योग मानकों के अनुरूप 63 कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। यह प्रतियोगिता भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण और विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर में आयोजित पांच क्षेत्रीय दौरों से शीर्ष प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवार विजेता बनकर उभरे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित इन क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं में हजारों उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिनमें से प्रत्येक ने असाधारण तकनीकी विशेषज्ञता, अनुशासन और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। आज यहां एकत्रित हुए फाइनलिस्ट इन कठोर चयन चरणों से प्राप्त सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए एमएसडीई की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा, “शिक्षा ज्ञान का निर्माण करती है लेकिन कौशल उस ज्ञान को उद्देश्य और शक्ति प्रदान करते हैं। तेजी से बदलती दुनिया में किसी राष्ट्र की असली ताकत आजीवन सीखने की प्रतिबद्धता और शिल्प कौशल पर गर्व में निहित है। इंडिया स्किल्स जैसे मंचों के माध्यम से, हम ऐसे आदर्शों को आगे बढ़ा कर रहे हैं जो युवा भारतीयों को कौशल में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। शंघाई में आयोजित होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में एक मजबूत प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी के साथ हम यह स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि भारत दुनिया के सबसे कुशल कार्यबलों में से एक का निर्माण कर रहा है।”
एमएसडीई की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार मनीषा सेन सरमा ने कहा कि इंडियास्किल्स केवल एक प्रतियोगिता नहीं है बल्कि भारत के एक संरचित कुशल प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 200 से अधिक उद्योग भागीदारों और 63 कौशलों में आयोजित प्रतियोगिताओं (43 ऑनसाइट और 20 ऑफसाइट हैं) के साथ यह मंच मजबूत उद्योग समन्वय, व्यापकता और समावेशिता को दर्शाता है।
एनएसडीसी के सीईओ अरुण कुमार पिल्लई ने उद्योग-अनुकूल कौशल विकास और सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंडियास्किल्स प्रशिक्षण, उद्योग और प्रदर्शन का एक सशक्त संगम है, जो उत्कृष्टता के मानदंड स्थापित करता है और युवाओं को वास्तविक दुनिया की मांगों और वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल प्रदान करता है।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह ने कहा कि इंडियास्किल्स जैसे मंच आजीवन सीखने को बढ़ावा देते हैं और छात्रों के कौशल को उच्च शिक्षा और भविष्य के कार्यबल की तैयारी का अभिन्न अंग मानने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 बहुविषयक शिक्षा और लचीले शैक्षणिक मार्गों के माध्यम से शिक्षा व कौशल के मजबूत एकीकरण को बढ़ावा देता है।
इंडियास्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में इतिहास में सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई है, जिसमें 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 3.65 लाख से अधिक पंजीकरण हुए हैं, जो स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) के माध्यम से 63 कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। यह व्यापकता भारत के युवाओं में कौशल को एक व्यवहार्य और लाभकारी करियर मार्ग के रूप में अपनाने की बढ़ती आकांक्षा को दर्शाती है।
इंडियास्किल्स प्रतियोगिता कौशलों की एक असाधारण श्रृंखला को प्रदर्शित करती है। इनमें से कुछ कौशल व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त हैं, जैसे कि विद्युत स्थापना, इलेक्ट्रॉनिक्स, वेब टेक्नोलॉजीज और क्लाउड कंप्यूटिंग। इसके अतिरिक्त, कई अन्य कौशल उभरते हुए और अत्यधिक विशिष्ट करियर का प्रतिनिधित्व करते हैं जो भविष्य के उद्योगों को आकार दे रहे हैं, जैसे कि स्वायत्त मोबाइल रोबोटिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सुरक्षा, इंडस्ट्री 4.0, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, मानवरहित हवाई प्रणाली, डिजिटल निर्माण, लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग और रासायनिक प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी।
इंडियास्किल्स की ताकत इसके सहयोगात्मक पारिस्थितिकी तंत्र में निहित है, जो केंद्र और राज्य सरकारों, क्षेत्रीय कौशल परिषदों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग भागीदारों को एक साथ लाकर वास्तविक दुनिया की आवश्यकताओं के साथ मजबूत तालमेल सुनिश्चित करता है। वर्तमान में एक दर्जन से अधिक क्षेत्रीय कौशल परिषदें ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी-आईटीईएस, निर्माण, खुदरा, कृषि, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रतियोगिताओं का समर्थन कर रही हैं, जिसमें टोयोटा किर्लोस्कर, मारुति सुजुकी, जेके सीमेंट और लिंकन इलेक्ट्रिक सहित 200 से अधिक अग्रणी उद्योग भागीदारों की सक्रिय भागीदारी है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कार्य और मूल्यांकन उद्योग मानकों के अनुरूप हों।
अगले कुछ दिनों में प्रतियोगियों का मूल्यांकन उद्योग विशेषज्ञों और डोमेन विशेषज्ञों द्वारा सटीकता, रचनात्मकता, दक्षता और वैश्विक मानकों के पालन जैसे मापदंडों पर किया जाएगा। 63 श्रेणियों में से 43 कौशल ऑनसाइट आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे तकनीकी दक्षता का लाइव प्रदर्शन संभव हो सकेगा, जबकि 20 कौशलों का मूल्यांकन ऑफसाइट प्रारूपों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे विभिन्न विषयों में व्यापक और समावेशी मूल्यांकन सुनिश्चित होगा।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रतिष्ठित वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन शंघाई 2026 में भारत के प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा, जिसे अक्सर “कौशल का ओलंपिक” कहा जाता है।
उद्घाटन समारोह में कई विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें असम के एसईईडी के प्रधान सचिव ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी, मध्य प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रधान सचिव मनीष सिंह, नागालैंड सरकार के अतिरिक्त निदेशक जुबेमो लोथा त्सांगलाओ, जम्मू-कश्मीर कौशल विकास मिशन की मिशन निदेशक लीना पाधा, एनएसडीसी के सीओओ प्रशांत सिन्हा, एनएसडीसी के सीएफओ राजेश स्वाइका, एनएसडीसी के बोर्ड सदस्य जगदीश मित्रा, साथ ही मंत्रालय और एनएसडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के नेता और शिक्षा जगत व कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र के भागीदार शामिल थे। उनकी उपस्थिति ने भारत के कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को संचालित करने वाली सहयोगात्मक भावना को रेखांकित किया।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2 अप्रैल तक जारी रहेगी, जिसके समापन समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। स्किल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप, इंडियास्किल्स प्रतियोगिता समावेशी, विकेंद्रीकृत और भविष्योन्मुखी विकास के महत्व को रेखांकित करती है। एमएसडीई देश के कौशल विकास परिदृश्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। व्यापकता, गति और मानकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एमएसडीई भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण और भारत को कुशल प्रतिभाओं के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
–आईएएनएस
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