विभागों को पारदर्शिता और विश्वसनीयता का पालन करना होगा: देवेंद्र फडणवीस


मुंबई, 28 मार्च (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि सभी सरकारी विभागों को ‘पारदर्शिता, सख्त टाइमलाइन और विश्वसनीयता’ के तीन स्तंभों पर कार्य करना चाहिए ताकि नागरिकों को सभी योजनाओं का लाभ एक ही मंच के माध्यम से मिल सके और ‘विकसित महाराष्ट्र’ का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

वे ‘150 दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम’ के तहत उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे।

इस पहल के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों के प्रमुखों और सेवा कर्मियों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान, फडणवीस ने मार्गदर्शन प्रदान किया और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को ‘एक राज्य, एक पोर्टल’ अवधारणा को लागू करने का निर्देश दिया।

सरकारी वेबसाइटों की बहुलता से उत्पन्न भ्रम को दूर करने के लिए, विभाग को सभी सेवाओं के लिए एक एकीकृत पोर्टल बनाने का कार्य सौंपा गया है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी सुविधाओं को नागरिकों के लिए सुलभ बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

इसके अलावा, नागरिकों के लिए एक विशिष्ट ‘महा आईडी’ प्रणाली विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आईडी सभी सरकारी योजनाओं के लिए एक ही पहुंच बिंदु के रूप में कार्य करेगी, जिससे डेटा को फिल्टर करने और सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।

उन्होंने मुख्य सचिव को ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से विभागीय कार्यों को ‘लॉ पेपर’ से ‘नो पेपर’ की ओर ले जाने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम स्थापित करने का निर्देश भी दिया।

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘महासारथी’ पोर्टल का उद्घाटन किया। लॉन्च के बाद बोलते हुए उन्होंने पोर्टल को एक व्यापक ‘डेटा बैंक’ बताया।

उन्होंने कहा कि वेबसाइट ने सभी सरकारी डेटा को समेकित किया है, जिससे विभागों के बीच निर्बाध संचार संभव हो सकेगा।

इसके अतिरिक्त, योजना, कार्यान्वयन और निगरानी के लिए महाराष्ट्र एकीकृत डेटा एक्सचेंज बनाया जा रहा है, जिससे डेटा-आधारित निर्णय लेने में सुविधा होगी।

चौबीसों घंटे सेवाएं प्रदान करने के लिए, राज्य जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चैटबॉट और ब्लॉकचेन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग बढ़ाएगा।

–आईएएनएस

एमएस/


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