बीजिंग, 28 मार्च (आईएएनएस)। बोआओ एशिया मंच का सालाना सम्मेलन 27 मार्च को दक्षिण चीन के हाईनान प्रांत में समाप्त हुआ।
विश्व के 60 से अधिक देशों और क्षेत्रों के करीब 2000 प्रतिनिधि इसमें उपस्थित रहे। उन्होंने चीन के उच्च स्तरीय खुलेपन का उच्च मूल्यांकन किया और चीन के भावी विकास पर पक्का विश्वास व्यक्त किया।
वर्तमान विश्व में अनिश्चितताएं भरी हैं, भू-राजनीतिक मुकाबला तीव्र हो रहा है, व्यापार संरक्षणवाद बढ़ रहा है और वैश्विक आर्थिक बहाली कमजोर है। इस पृष्ठभूमि में इस साल के बोआओ एशिया मंच ने “साझा भविष्य रचें: नयी स्थिति ,नया अवसर ,नया सहयोग”अपना मुख्य विषय बनाया ,जो लोगों की प्रतीक्षा से मेल खाता है। एपेक सचिवालय के कायकारी निदेशक पेदरोसा ने कहा कि विश्व के विभिन्न देश एक ही नाव पर सवार हैं। सिर्फ सहयोग से ही वे एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।
बाजार सबसे दुर्लभ संसाधन है। चीन की आबादी 1 अरब 40 करोड़ से अधिक है और उसके पास विश्व का सबसे बड़ा मध्यम-आय समुदाय है, जिसमें विशाल घरेलू मांग निहित है। चीन सरकार ने अपनी कार्य रिपोर्ट में मजबूत घरेलू बाजार के निर्माण पर खास जोर दिया है। विश्व व्यापार संगठन के पूर्व अर्थशास्त्री रोबर्ट कूपमान ने सीएमजी के संवाददाता को बताया कि अगले पांच-दस सालों में चीन वैश्विक कारखाने से मांग के केंद्र के रूप में परिवर्तित होगा।
न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री जेनिफर मेरी रॉबसन ने चीनी युवाओं को अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता बताया। उनके विचार में चीनी युवा वैश्विक उपभोग के फैशन का नेतृत्व कर रहे हैं और वैश्विक सृजन बढ़ा रहे हैं।
ध्यान रहे कि वर्ष 2025 में चीन का नवाचार सूचकांक पहली बार विश्व के शीर्ष दस में दाखिल हुआ। इस मंच में उपस्थित कई विदेशी अतिथियों के विचार में चीन के उच्च कुशलता वाले विनिर्माण उद्योग ने बड़ी हद तक हरित उत्पादों की लागत घटाई है। वैश्विक सृजन के महत्वपूर्ण तत्व चीन में एकत्र हो रहे हैं।
स्थानीय विश्लेषकों की नजर में सबसे अहम बात यही है कि संरक्षणवाद के निरंतर फैलाव के बीच चीन का खुलापन इस विश्व के लिए मूल्यवान निश्चितता है। चीन उच्च-स्तरीय खुलेपन से विभिन्न देशों के साथ अवसर साझा कर रहा है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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