नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। भारत सरकार ने शनिवार को कहा कि 540 भारतीय नाविकों के साथ बीस भारतीय झंडे वाले जहाज पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं और उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, इस संवेदनशील क्षेत्र में काम कर रहे सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।
मंत्रालय ने बताया, “डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों तथा भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर रहा है। अब तक 938 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 25 नाविक शामिल हैं।”
मंत्रालय के अनुसार देश के भीतर भी स्थिति सामान्य बनी हुई है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर संचालन बिना किसी बाधा के जारी है। राज्य समुद्री बोर्डों ने भी पुष्टि की है कि कहीं कोई भीड़भाड़ या अव्यवस्था नहीं है।
मंत्रालय ने बताया, “नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र के अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।” मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नाविकों की भलाई और निर्बाध संचालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी बीच, 28 फरवरी से अब तक करीब 4.97 लाख भारतीय नागरिक युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से स्वदेश लौट चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय मिशन लगातार भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं और उन्हें जरूरी सलाह और हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।
तनाव के बावजूद समुद्री व्यापार को बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आ रहे दो मर्चेंट जहाज शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं। यह वही अहम समुद्री मार्ग है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
स्थिति को देखते हुए भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को रणनीतिक बंदरगाहों के पास तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके। आने वाले दिनों में और जहाजों के इस मार्ग से गुजरने की संभावना जताई जा रही है।
भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत सरकार सतर्कता और समन्वय के जरिए समुद्री सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जुटी हुई है।
–आईएएनएस
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