आईफोन 15 और 16 जैसे पुराने मॉडल ₹5,000 तक महंगे हो सकते हैं: Apple ने इंसेंटिव बंद किए, अब रिटेलर्स यह बढ़ोतरी ग्राहकों से वसूलेंगे

भारत में अब पुराने आईफोन खरीदने पर ग्राहकों को ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। एपल ने आईफोन 15 और 16 जैसे पुराने मॉडल्स पर रिटेलर्स को डिमांड जनरेशन (DG) सपोर्ट यानी इंसेंटिव देना बंद करने का फैसला किया, जिससे कीमतें करीब 5,000 रुपए तक बढ़ सकती हैं।मनीकंट्रोल के मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह फैसला इसी हफ्ते लागू हो सकता है।

हाल ही में कैशबैक ऑफर्स 6,000 से घटाकर 1,000 रुपए किए गए थे, जिससे आईफोन 17 सीरीज महंगी हुई और अब पुराने मॉडल्स की कीमतें भी बढ़ जाएंगी।

डिमांड जनरेशन सपोर्ट क्या होता है?

डिमांड जनरेशन यानी DG सपोर्ट एक इंसेंटिव है जो ब्रांड्स रिटेलर्स और चैनल पार्टनर्स को देते हैं, जिससे वे ग्राहकों को डिस्काउंट देकर डिमांड बढ़ाते हैं।MRP बदले बिना भी इस सपोर्ट से फोन सस्ते मिलते थे। अब सपोर्ट बंद होने से रिटेलर्स पहले जैसा डिस्काउंट नहीं दे पाएंगे और ग्राहकों का फाइनल बिल बढ़ेगा।

सस्ते में खरीदारी का आज आखिरी मौका

  • सपोर्ट हटने के बाद ग्राहकों को उसी फोन के लिए करीब 5,000 रुपए ज्यादा देने होंगे।
  • यह उन लोगों के लिए मुश्किल होगा जो नए लॉन्च के बाद कीमत गिरने का इंतजार कर रहे थे।
  • रिटेलर्स के अनुसार, पुराने रेट पर आईफोन खरीदने का आज आखिरी दिन हो सकता है।

आईफोन 17 सीरीज के दाम पर असर नहीं

सूत्रों के मुताबिक, DG सपोर्ट हटाना केवल पुराने मॉडल्स के लिए है और आईफोन 17 लाइनअप की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा,जानकारों के अनुसार, एपल ने अपनी फ्लैगशिप सीरीज की MRP नहीं बढ़ाई, जबकि अन्य कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं।

अन्य एंड्रॉइड फोन समेत सैमसंग-वीवो भी महंगे

एपल ही नहीं सैमसंग, ओप्पो, वीवो, रियलमी, शाओमी, मोटोरोला और नथिंग जैसे ब्रांड्स ने नवंबर से कीमतें बढ़ाई हैं। मार्च में भी कई मॉडल्स महंगे हुए हैं।कंपनियों के अनुसार, मेमोरी और स्टोरेज महंगे होने से इनपुट कॉस्ट बढ़ी है। मुनाफा बनाए रखने के लिए कई कंपनियों ने सेल्स टारगेट में 20% तक कटौती की है।

क्यों बढ़ रही हैं फोन की कीमतें?

1.चिपसेट और स्टोरेज की कीमतों में बढ़ोतरी।

2. एपल ने रिटेल डिस्काउंट फंड्स वापस लिए।

3. डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी से लागत बढ़ी।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भले ही कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन भारत में ज्यादातर आईफोन EMI पर खरीदे जाते हैं। ₹5,000 की बढ़ोतरी से मंथली EMI पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा, इसलिए मांग में भारी गिरावट की आशंका कम है।

2026 में स्मार्टफोन मार्केट की चुनौतियां

इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) के अनुसार, 2026 भारतीय स्मार्टफोन सेक्टर के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। अनुमान है कि इस साल स्मार्टफोन का टोटल शिपमेंट 12-15% घट सकता है, जबकि एपल पोर्टफोलियो में 5-6% ग्रोथ की उम्मीद है।

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