इंदौर में, 27 मार्च (आईएएनएस)। कुलदीप चौधरी और उनके 18 वर्षीय बेटे मोनिश को शुक्रवार को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। दोनों पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पांडेय की हत्या का आरोप है। शंपा पांडे हाल ही में अपने परिवार के साथ इंदौर के शिव वटिका टाउनशिप में नए फ्लैट में शिफ्ट हुई थीं।
इंदौर में, पुलिस ने कुलदीप चौधरी और उनके बेटे मोनिश को जिला अदालत में पेश किया और उनसे पूछताछ के लिए हिरासत मांगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब उन्हें अपराध स्थल पर ले जाकर वहां के निवासियों की मौजूदगी में पहचान कराई जाएगी।
लसूदिया थाना की एक टीम शुक्रवार शाम को शिव वटिका टाउनशिप गई और जांच-पड़ताल की। पुलिस ने कई निवासियों से पूछताछ की, जो बुधवार रात हुई घटना के समय मौके पर मौजूद थे।
पुलिस ने कुलदीप और उसके बेटे के व्यवहार, उनके कई संपत्तियों जैसे पेंटहाउस के बारे में भी जानकारी मांगी।
शिव वटिका टाउनशिप के निवासी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव नाइक ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस टीम शाम को आई और कुलदीप के फ्लैट्स के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और सैंपल इकट्ठा किए।
गौरव ने बताया कि शंपा पांडे का अंतिम संस्कार उनके परिवार के सदस्यों के आने के बाद किया गया। जिनमें उनकी बहन और उत्तर प्रदेश के जालौन और अयोध्या जिले के रिश्तेदार शामिल थे।
शंपा पांडे का जन्म और पालन-पोषण जालौन जिले में हुआ और वह सौरभ पांडे की पत्नी थीं, जिनका परिवार मूल रूप से अयोध्या जिले का है। दंपति के दो नाबालिग बेटे हैं। शंपा अपने बुजुर्ग सास-ससुर के साथ 13 मार्च को बिल्डिंग के पहले फ्लोर में अपने फ्लैट में शिफ्ट हुई थीं। इस घटना से परिवार सदमे में है।
बुधवार रात कुलदीप चौधरी ने शंपा के पति सौरभ पांडे समेत कई निवासियों से बहस की। इसके बाद उसने अपने बेटे मोनिश को बुलाया, जिससे झगड़ा और बढ़ गया।
बाप और बेटे को गिरफ्तार किए जाने के बाद हत्या का मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है।
–आईएएनएस
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