मध्य पूर्व संकट से बांग्लादेश का जीवाश्म ईंधन आयात बिल 40 प्रत‍िशत बढ़ने का अनुमान : जीसीए


नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। बांग्लादेश का वार्षिक जीवाश्म ईंधन आयात बिल मध्य पूर्व संकट के कारण 4.8 अरब डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है, जो 2025 के स्तर की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी जीरो कार्बन एनालिटिक्स (जीसीए) की एक नई रिपोर्ट में दी गई है।

जीसीए के विश्लेषकों ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, “इस तरह का संकट बार-बार दोहराया जा रहा है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण हुए मूल्य झटकों की याद दिलाता है। इससे बांग्लादेश की जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता और ऊर्जा परिवर्तन में देरी की लागत बढ़ती जा रही है।”

रिपोर्ट में कहा गया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष ने बांग्लादेश को आर्थिक संकट में डाल दिया था, जहां जीडीपी स्तर 2025 में जाकर ही सामान्य हुए। रूस के आक्रमण से पहले के वर्ष में एशियाई लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की कीमतों में 390 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इसके बाद अगले पांच महीनों में 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसका परिणाम बिजली की मांग में कमी और महीनों तक बिजली कटौती के रूप में सामने आया। अक्टूबर 2022 में ब्लैकआउट के कारण 13 करोड़ लोग बिजली से वंचित हो गए थे।

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण बढ़ती कीमतों का यह भारी बोझ देश के विदेशी मुद्रा भंडार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है, जिससे आयात कवर अनुपात 5.7 महीनों से घटकर 4.9 महीने रह जाने का खतरा है।

यह संकट ढाका की अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर निर्भरता की कमजोरी को उजागर करता है, क्योंकि 2023 में देश की कुल ऊर्जा आपूर्ति का 46 प्रतिशत ह‍िस्‍सा आयात से आया था। वित्त वर्ष 2024-2025 में बिजली की जरूरतों का 65 प्रतिशत आयात पर निर्भर रहा।

इस महत्वपूर्ण ईंधन का अधिकांश हिस्सा होर्मुज स्‍ट्रेट से होकर आता है, जहां अब शिपिंग गंभीर रूप से बाधित हो गई है। बांग्लादेश हर साल लगभग 14 लाख टन कच्चा तेल इसी रास्ते से आयात करता है, जो सऊदी अरामको और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के साथ दीर्घकालिक अनुबंधों के तहत होता है।

जेडसीए रिपोर्ट के अनुसार, अरामको का 100,000 टन का एक कार्गो (जहाजी खेप), जो बांग्लादेश के लिए रवाना हुआ था, युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में ही फंस गया है और उसके पहुंचने में पहले ही देरी हो चुकी है।

ऊर्जा के कई क्षेत्रों में आपूर्ति दबाव उभर रहा है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसी) ने मार्च की शुरुआत में बताया, “मार्च में आयात की योजना बनाई गई 2,93,000 टन डीजल में से लगभग 60,000 टन को स्थगित या रद्द कर दिया गया है।”

इसी समय, कतर, जो बांग्लादेश के एलएनजी आयात का 75 प्रतिशत आपूर्ति करता है, ने उत्पादन और शिपमेंट को रोक दिया है। एलएनजी पर भारी निर्भरता बिजली क्षेत्र में वित्तीय दबाव बढ़ा रही है।

तेल, गैस और अन्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार राज्य-स्वामित्व वाली पेट्रोबांग्ला की आयात योजना के अनुसार अप्रैल के लिए निर्धारित सात में से छह एलएनजी कार्गो को इसी होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरना है।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम


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