सियोल, 17 मार्च (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय को अमेरिका से मध्य पूर्व में युद्धपोत तैनात करने के लिए कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। मंत्री ऐन ग्यू-बैक ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सहयोगी देशों से स्ट्रेट-ऑफ- होर्मुज की सुरक्षा के लिए अपने जहाज भेजने का आग्रह किया था।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ऐन ने संसद सत्र के दौरान ये टिप्पणी की।
सोमवार को ट्रंप ने दक्षिण कोरिया, जापान और अन्य सहयोगी देशों और साझेदारों से, महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुला रखने के अमेरिकी प्रयासों में शामिल होने की अपील दोहराई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘वाशिंगटन के सुरक्षा कवच’ का हवाला दे सहयोग करने को कहा था।
दक्षिण कोरियाई सांसदों ने ऐन से सवाल किया, तो उन्होंने कहा, “रक्षा मंत्रालय को अभी तक कोई आधिकारिक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।” उन्होंने आगे कहा कि वह ट्रंप के सोशल मीडिया संदेशों को (जिनमें युद्धपोतों की तैनाती का आग्रह किया गया है) एक आधिकारिक अनुरोध नहीं मानते हैं।
ऐन के मुताबिक मंत्रालय ने इस मसले पर आंतरिक चर्चाएं की हैं, लेकिन ये विवरण अभी उस चरण में नहीं हैं जहां उन्हें सार्वजनिक किया जा सके।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी किसी भी तैनाती का निर्णय “राष्ट्रीय हित, सार्वजनिक सुरक्षा, संविधान और कानून को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए,” और यह एक ऐसा मामला होगा जिसके लिए संसदीय सहमति की आवश्यकता होगी।
इस बीच, रक्षा प्रमुख ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न हो सकने वाली “सभी संभावित स्थितियों” के खिलाफ मजबूत सैन्य तत्परता बनाए रखने का संकल्प लिया।
संसद की रक्षा समिति की बैठक में सांसदों से बात करते हुए, और मध्य पूर्व में “बढ़ते सैन्य टकरावों” का संज्ञान लेते हुए, उन्होंने कहा, “भविष्य में, हमारी सेना सभी संभावित स्थितियों के खिलाफ पूरी मजबूती से अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी।”
उन्होंने आगे कहा, “विदेशों में तैनात सैन्य इकाइयों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, रक्षा मंत्रालय संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्ण समर्थन से, उत्तर कोरिया के खिलाफ अपनी निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाए हुए है।”
पिछले सप्ताह, दक्षिण कोरिया ने “ऑपरेशन डेजर्ट शाइन” नामक मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसके तहत एक सैन्य परिवहन विमान की मदद से सऊदी अरब से 204 नागरिकों को सुरक्षित घर वापस लाया गया था।
–आईएएनएस
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