दिल्ली परिवहन मंत्री ने 17 नए मार्गों पर 50 पर्यावरण अनुकूल एसी बसें चलाने की घोषणा की


नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने राजधानी की अंतरराज्यीय बस सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा की है।

दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) जल्द ही 17 नए मार्गों पर 50 पर्यावरण अनुकूल एसी 12 मीटर बसें चलाने की तैयारी कर रहा है। ये बसें एसोसिएशन ऑफ स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग्स (एएसआरटीयू) की निर्धारित दरों के अनुसार चलाई जाएंगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाना और श्रद्धालुओं को प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आसान और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है। डीटीसी पहले ही दिल्ली से बड़ौत (उत्तर प्रदेश), सोनीपत, धारूहेड़ा और पानीपत (हरियाणा) जैसे मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें चला रहा है, जिससे आसपास के इलाकों से राजधानी की कनेक्टिविटी काफी सुधरी है।

नई योजना में दिल्ली से नानकसर-गाजियाबाद बस टर्मिनल, रेवाड़ी, करनाल, रोहतक, अलवर और जेवर जैसे रूट शामिल हैं। इन मार्गों पर बसें शुरू होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और क्षेत्रीय यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वैष्णो देवी (कटरा), खाटू श्याम और अयोध्या जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए नई बस सेवाएं शुरू करने की भी तैयारी है। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

मंत्री ने पूर्वांचली समुदाय के प्रवासियों की सुविधा का विशेष जिक्र किया। दिल्ली और बिहार के बीच बस कनेक्टिविटी शुरू करने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली सरकार बिहार सरकार के साथ जल्द समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की तैयारी में है। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले बड़ी संख्या में बिहार से आए लोगों को उनके घर जाने में आसानी होगी।

डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार अंतरराज्यीय बस सेवाओं को मजबूत करने और नागरिकों को विश्वसनीय यात्रा विकल्प देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में सार्वजनिक परिवहन की बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आवागमन बढ़ाने और लोगों को किफायती यात्रा सुनिश्चित करने के बड़े प्रयासों का हिस्सा है।

मंत्री ने जोर दिया कि सरकार न केवल रोजमर्रा के यात्रियों की सुविधा पर ध्यान दे रही है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करना चाहती है। नई बस सेवाएं पर्यावरण अनुकूल होंगी, जिससे प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

–आईएएनएस

एमएस/


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