काठमांडू, 16 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल में हुए एक सड़क हादसे में मारे गए भारतीय तीर्थयात्रियों के शवों को जल्द स्वदेश लाने के लिए भारतीय दूतावास सक्रिय रूप से काम कर रहा है। शनिवार को गोरखा जिले में ये दर्दनाक हादसा हुआ था।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, माइक्रोबस में सवार तीर्थयात्री मनकामना मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद लौट रहे थे तभी बस खाई में जा गिरी। इस हादसे में सात भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई जबकि सात अन्य भारतीय तीर्थयात्री घायल हो गए।
हादसे पर भारतीय दूतावास ने एक्स पोस्ट के जरिए अपनी फिक्र जाहिर की। मृतकों के प्रति संवेदना जाहिर करते हुए एम्बेसी ने घायलों के इलाज और उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी की प्रक्रिया पर काम करने की बात कही थी।
इसमें आगे कहा, ” मृतकों के परिजनों के प्रति हम संवेदना जाहिर करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
दूतावास ने बताया कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के शवों को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए नेपाल के स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
भारतीय दूतावास ने कहा कि वह पीड़ित परिवारों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों ने बचाव कार्य चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
भारतीय तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक माइक्रोबस, जब तनाहुन जिले के अंबुखैरेनी इलाके (जो मनकामना मंदिर से थोड़ा पश्चिम में है) की ओर जा रही थी, तब शहीद लखन ग्रामीण नगरपालिका के कांतार इलाके में सड़क से फिसलकर एक खाई में गिर गई थी।
अगस्त 2024 में, भारतीय तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस अंबुखैरेनी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें करीब 27 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी।
हाल के वर्षों में नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, साथ ही सड़कों पर चलने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ी है।
एक दशक पहले, नेपाल ट्रैफिक पुलिस ने 4,999 सड़क दुर्घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज की थी। कार्यालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में, देश में 7,669 सड़क दुर्घटनाएं और 190 मौतें दर्ज की गईं।
–आईएएनएस
केआर/
