नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। भारत सरकार के जलमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय झंडे वाले 22 जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में मौजूद हैं जिन पर 611 नाविक सवार हैं और पिछले 24 घंटे में किसी भी तरह के हादसे की खबर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय झंडा वाले जहाज ‘जग लाडकी भी यूएई से 14 मार्च को रवाना हो चुका है। प्रेस ब्रीफिंग में ये जानकारी दी गई।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया, “शिवालिक एलपीजी कैरियर, जो फारस की खाड़ी से रवाना हुआ था, होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर आ चुका है। ”
उन्होंने बताया कि जहाज के पहुंचने से पहले ही बंदरगाह पर सभी जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया, प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग और बाकी व्यवस्थाएं कर दी गई हैं, ताकि इस जहाज से माल उतारने में कोई विलंब न हो।
सिन्हा ने विश्वास दिलाया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा,” पिछले 24 घंटों में किसी तरह की घटना की सूचना नहीं मिली है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हर जहाज और उसके क्रू मेंबर के साथ संपर्क बना हुआ है। फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में अभी भी भारत के झंडे वाले 22 जहाज मौजूद हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं।”
सिन्हा ने बताया कि यूएई से चली शिप 17 मार्च तक क्रूड लेकर भारत पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा, “भारतीय झंडा वाले जहाज ‘जग लाडकी’ ने 14 मार्च को यूएई से रवाना होकर करीब 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत की ओर यात्रा शुरू की है। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। यह जहाज कल मुंद्रा बंदरगाह पहुंच जाएगा।”
ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संघर्ष में फंसे नागरिकों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हमारे करीब 90 नागरिक ईरान से जमीन के रास्ते अजरबैजान पहुंचे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने मदद की। दूतावास ने उन्हें वीजा दिलाने और जरूरी इमिग्रेशन औपचारिकताएं पूरी कराने में सहयोग किया।”
उन्होंने कहा, “जिन 550 लोगों के ईरान से आर्मेनिया पहुंचने की बात हमने पहले बताई थी, उनमें 284 लोग ऐसे हैं जो ईरान तीर्थ यात्रा पर गए थे। ये लोग फिलहाल इन दोनों देशों में मौजूद हैं। इनमें से कुछ भारत लौट चुके हैं और बाकी लोग अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे।”
जायसवाल ने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास सभी कठिन हालात के बावजूद पूरी तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा,” पिछले कुछ दिनों में दूतावास ने तेहरान के बाहर मौजूद भारतीय छात्रों को भी ज्यादा सुरक्षित शहरों में पहुंचाने में मदद की है।”
–आईएएनएस
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