तेहरान, 15 मार्च (आईएएनएस)। इराक में तेल निर्यात दोबारा शुरू करने को लेकर सरकार के अलग-अलग विभागों में मतभेद है। इराक का तेल मंत्रालय एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने के लिए तैयार है, लेकिन कुर्द क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने फिलहाल इससे इनकार कर दिया है।
इराक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली दक्षिणी पाइपलाइन और तुर्की के जेहान बंदरगाह तक जाने वाली उत्तरी पाइपलाइन के जरिए तेल का निर्यात करता है। मंत्रालय के मुताबिक, पाइपलाइन के जरिए रोज करीब 3 लाख बैरल तेल भेजा जा सकता है।
तेल मंत्रालय ने बयान में कहा, “हम इस क्षेत्र के भीतर मौजूद एक्सपोर्ट पाइपलाइन के जरिए जेहान बंदरगाह तक, प्रतिदिन 3 लाख बैरल से ज्यादा की मात्रा में तेल का निर्यात फिर से शुरू करने को तैयार हैं।”
आगे कहा, “इस क्षेत्र के भीतर मौजूद उन तेल क्षेत्रों से मिलने वाले तेल की मात्रा के अतिरिक्त होगा, जिनका निर्यात मौजूदा हालात से पहले किया जाता था; यह मात्रा प्रतिदिन कम से कम 2 लाख बैरल थी।” साथ ही दावा किया कि “इस पाइपलाइन की निर्यात क्षमता लगभग 9 लाख बैरल प्रतिदिन है।”
हालांकि प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने कुछ शर्तें रखते हुए अभी निर्यात शुरू करने से इनकार कर दिया है। ये शर्तें ऐसी हैं जिनका कच्चे तेल के निर्यात के मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है।
इसके जवाब में, तेल मंत्रालय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय की ओर से रखी गई शर्तों पर बाद में चर्चा की जा सकती है, और उसने “प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय से निर्यात तुरंत फिर से शुरू करने के अपने अनुरोध” को दोहराया, ताकि इराक की अर्थव्यवस्था को कोई नुकसान न पहुंचे।
सैन्य संघर्ष में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ने दुनिया को ‘चोक’ कर दिया है। इराक की भी हालत ठीक नहीं है। पिछले दिनों सरकार ने एक आंकड़ा पेश किया था जिसमें तेल निर्यात के अचानक रुकने से हुए नुकसान का जिक्र था। तेल मंत्री हयान अब्देल-गनी ने बताया कि इस पश्चिम एशिया संकट के कारण 70 प्रतिशत तेल उत्पादन में कमी आई है। इराक फिलहाल केवल 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन (बीपीडी) उत्पादन कर रहा है। इराक के मुख्य दक्षिणी तेल क्षेत्रों में उत्पादन 70 प्रतिशत तक गिरकर महज 1.3 मिलियन बीपीडी रह गया है।
–आईएएनएस
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