जम्मू डीएम ने एलपीजी वितरकों की बैठक की, कतारें रोकने और निष्पक्ष वितरण पर सख्त निर्देश दिए


जम्मू, 14 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू जिले में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा सुचारू बनाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राकेश मिन्हास ने शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जिले के सभी प्रमुख एलपीजी वितरकों और तेल विपणन कंपनियों (आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल) के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था।

बैठक में अपर जिला मजिस्ट्रेट विधु शेखर, अनुसूया जमवाल और अपर जिला विकास आयुक्त शेर सिंह भी उपस्थित रहे। डॉ. मिन्हास ने बैठक की शुरुआत में ही सभी वितरकों को सख्त निर्देश दिए कि वे केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा जारी सभी स्थापित दिशानिर्देशों और नवीनतम परिपत्रों का पूर्ण अनुपालन करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित आपूर्ति कार्यक्रम का कड़ाई से पालन होना अनिवार्य है।

डीएम ने उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार के पक्षपातपूर्ण व्यवहार पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि एलपीजी वितरण की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी उपभोक्ता को बिना उचित कारण के सिलेंडर देने से इंकार नहीं किया जाएगा और न ही किसी को प्राथमिकता दी जाएगी।

विशेष रूप से वितरण केंद्रों के बाहर लगने वाली अनावश्यक लंबी कतारों पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी कतारें जनता के लिए बड़ी असुविधा का कारण बनती हैं और इन्हें पूरी तरह टाला जा सकता है। वितरकों को चेतावनी दी गई कि वे केंद्र के बाहर भीड़ इकट्ठा नहीं होने दें, अन्यथा इसके लिए वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

नियमों के पालन की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए डॉ. मिन्हास ने विशेष निगरानी टीमों के गठन की घोषणा की। ये टीमें जिले के विभिन्न एलपीजी वितरण केंद्रों पर नियमित और आकस्मिक निरीक्षण करेंगी। टीमें स्टॉक की उपलब्धता, बुकिंग के आधार पर वितरण, रिफिल की समयबद्धता, बिलिंग की सही प्रक्रिया और अन्य सभी प्रोटोकॉल का क्रॉस-वेरिफिकेशन करेंगी। किसी भी अनियमितता या लापरवाही के मामले में तत्काल रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

डीएम ने बैठक में साफ-साफ कहा कि वितरण प्रक्रिया में कोई भी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले वितरकों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें लागू प्रावधानों के तहत दंडित किया जाएगा। इसमें लाइसेंस निलंबन या रद्द करना भी शामिल हो सकता है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में सर्दियों के मौसम के कारण एलपीजी की मांग में वृद्धि हुई है और कुछ इलाकों में रिफिल में देरी की शिकायतें सामने आई हैं।

–आईएएनएस

एससीएच


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