बेरूत और दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठ‍िकाने क‍िए तबाह : आईडीएफ


नई द‍िल्‍ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। इजरायली ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान के कई क्षेत्रों में हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह ध्‍वस्‍त करने का दावा किया। कई हवाई हमले गुरुवार को क‍िए गए।

इजरायली ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने शुक्रवार को आध‍िकार‍िक सोशल मीड‍िया अकाउंट ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट क‍िया, ”एक साथ कई क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए इजरायली वायु सेना ने ‘अल-कर्द अल-हसन’ संगठन की संपत्तियों और हिज्बुल्लाह संगठन के हथियार भंडारण स्थलों को न‍िशाना बनाया।”

आईडीएफ के अनुसार, बेरूत में आईडीएफ ने ‘अल-कर्द अल-हसन’ संगठन की अतिरिक्त संपत्तियों और हिज्बुल्लाह के महत्वपूर्ण आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया।

इन हमलों का उद्देश्य हिज्बुल्लाह को और अधिक नुकसान पहुंचाना था। यह संगठन नागरिकों के पैसे का इस्तेमाल करके हिज्बुल्लाह को वित्तीय सेवाएं देता है और उसकी गतिविधियों को बढ़ावा देता है।

आईडीएफ के अनुसार, ये हमले ‘अल-कर्द अल-हसन’ संगठन पर हाल ही में किए गए हमलों की श्रृंखला का हिस्सा हैं, जिनसे हिज्बुल्लाह और उसके संसाधनों को और अधिक नुकसान पहुंचा है।

हाल के हमलों के कारण इस संगठन की गतिविधियां पूरी तरह रुक गई हैं और इसके ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

आईडीएफ के अनुसार, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान के अन्य क्षेत्रों में भी हिज्बुल्लाह के लगभग दस हथियार भंडारण स्थलों पर हमला किया गया।

इनमें से कुछ गोदाम लितानी और जहरानी नदियों के बीच के इलाके में थे, जहां से इस सप्ताह की शुरुआत में इजरायल के क्षेत्र की ओर रॉकेट दागे गए थे।

इससे पहले भी मंगलवार को इजरायली एयर फोर्स (आईएएफ) ने एक हमले में हिज्बुल्लाह के मिसाइल यूनिट से जुड़े कमांडर अबू द’रार मोहम्मद को मार गिराने का दावा क‍िया था।

अबू द’रार मोहम्मद बेरूत में हिज्बुल्लाह की मिसाइल इकाई में काम करने वाला और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से कार्य करने वाला एक कमांडर था।

आईएएफ ने बताया क‍ि मोहम्मद हिज्बुल्लाह संगठन के रणनीतिक सैन्य हथियारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी रखने वाला व्यक्ति था। वह संगठन की रॉकेट इकाई की प्रक्रियाओं का नेतृत्व करता था और ऑपरेशन नॉर्दर्न एरोज तथा ऑपरेशन रोअर ऑफ द लायन के दौरान इजरायल की ओर मिसाइल हमलों का निर्देशन करता था।

अबू द’रार मोहम्मद हिज्बुल्लाह की रॉकेट क्षमता को मजबूत करने में एक प्रमुख व्यक्ति था और ऑपरेशन नॉर्दर्न एरोज के बाद उसे फिर से मजबूत करने पर काम कर रहा था।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम


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