सीकर, 11 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थानी भाषा और संस्कृति को बड़े पर्दे पर दिखाने के उद्देश्य से बनी फिल्म ‘टाइगर ऑफ राजस्थान’ एक बार फिर चर्चा में आ गई है। फिल्म 13 मार्च से सीकर के सीने मैजिक सिनेमा हॉल में प्रदर्शित होने जा रही है।
फिल्म के प्रमोशन के लिए आयोजित कार्यक्रम में संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा भी पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस तरह की फिल्में राजस्थान की भाषा, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा, ”मैं खास तौर पर इस दृष्टिकोण से कार्यक्रम में आया हूं कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हो। हालांकि, मुझे फिल्म की कहानी और किरदारों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन निर्देशक ने जिस तरह फिल्म का संदेश बताया है, उससे लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को अच्छा संदेश देने के साथ-साथ मनोरंजन भी करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, ”राजस्थान की कला और संस्कृति बेहद समृद्ध है, और इसे फिल्मों के जरिए सामने लाना जरूरी है। क्षेत्रीय सिनेमा समाज को सकारात्मक संदेश देने का एक प्रभावी तरीका है।”
निर्देशक ने बताया कि फिल्म का मूल संदेश यह है कि इंसान चाहे किसी भी परिस्थिति में क्यों न हो, उसे अपने नैतिक मूल्यों यानी एथिक्स को नहीं भूलना चाहिए। यही वजह है कि मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों को एक अच्छा संदेश देगी और दर्शकों के लिए मनोरंजन का भी अच्छा माध्यम बनेगी।”
इस मौके पर फिल्म के निर्देशक और मुख्य अभिनेता अरविंद कुमार वाघेला ने भी मीडिया से खुलकर बातचीत की। गैंगस्टर पर आधारित कहानी को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि फिल्म किसी एक व्यक्ति की सीधी जीवनी नहीं है, बल्कि एक ऐसे किरदार से प्रेरित है, जिसने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे।
उन्होंने कहा, ”किसी भी व्यक्ति से प्रेरणा ली जा सकती है। जैसे लोग इतिहास के कई बड़े नेताओं और व्यक्तित्वों से प्रेरित होते हैं, उसी तरह मुझे भी एक ऐसा किरदार दिलचस्प लगा जो पढ़ा-लिखा होने के बावजूद परिस्थितियों के कारण गलत रास्ते पर चला गया, लेकिन उसने अपनी अच्छाई को कभी नहीं छोड़ा। यही इस फिल्म की असली कहानी और संदेश है।”
जब उनसे यह पूछा गया कि लोग आनंद पाल को एक गैंगस्टर के रूप में जानते हैं और उसी तरह के किरदार पर फिल्म बनाने का विचार कैसे आया तो उन्होंने कहा, ”दुनिया में कई ऐसे किरदार होते हैं, जिनके रास्ते भले गलत माने जाते हों, लेकिन उनके कुछ काम ऐसे होते हैं जिनसे लोग प्रभावित होते हैं। मेरी फिल्म का उद्देश्य अपराध का महिमामंडन करना नहीं है, बल्कि यह दिखाना है कि इंसान को किसी भी स्थिति में अपने नैतिक मूल्यों को नहीं छोड़ना चाहिए।”
उन्होंने कहा, ”फिल्म के जरिए यही संदेश दिया गया है कि इंसान जिस भी स्थिति में हो, उसे अपने एथिक्स को नहीं मारना चाहिए।”
अरविंद कुमार वाघेला ने फिल्म की कास्टिंग के बारे में बात करते हुए बताया कि इसमें कई अनुभवी और लोकप्रिय कलाकार शामिल हैं। फिल्म में जाने-माने अभिनेता रंजीत, टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्य, कमीडियन और अभिनेत्री उपासना, दीपशिखा नागपाल और राजू श्रेष्ठ भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिल्म के बजट को लेकर भी निर्देशक ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह राजस्थान की अब तक की सबसे महंगी फिल्मों में से एक है और इसका बजट करीब ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा है। क्षेत्रीय सिनेमा के लिहाज से यह एक बड़ा निवेश माना जा रहा है।
–आईएएनएस
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