इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने संसद में कहा, 'न तो हम जंग में शामिल और न इससे अलग-थलग'


रोम, 11 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व के हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पूरी दुनिया इसे लेकर फिक्रमंद है। इस बीच, यूरोपीय देश गल्फ देशों की मदद करने को तो तैयार हैं लेकिन अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर सशंकित भी। इटली भी उनमें से एक है। प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपनी संसद में कहा है कि वह “न तो युद्ध में शामिल हैं और न इससे पूरी तरह अलग-थलग हैं।”

सीनेट में मेलोनी ने कहा, “यह सरकार न तो दूसरों के फैसलों में भागीदार है, न ही यूरोप में अलग-थलग है, और न ही इस संकट के नागरिकों और व्यवसायों पर पड़ने वाले आर्थिक परिणामों के लिए जिम्मेदार है। हाल के दिनों में मैंने जो कुछ भी सुना है, वे इस संवेदनशील भू-राजनीतिक क्षेत्र में हमारी प्रतिबद्धता के साथ न्याय नहीं करते हैं, जिसे हमने हाल के दिनों में और तेज कर दिया है।”

इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि ईरान को मिसाइल कैपेबिलिटी के साथ-साथ परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती, जिससे वह जल्द ही यूरोप पर हमला कर सके। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा होने से न्यूक्लियर हथियारों की रेस शुरू हो सकती है।

इसके साथ ही मेलोनी ने स्वीकार किया कि इटली, खाड़ी देशों को हवाई रक्षा संसाधन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा, “जैसा कि संसद में पहले ही चर्चा हो चुकी है, हम खाड़ी देशों को हवाई रक्षा संसाधन मुहैया करा रहे हैं, जैसा कि अन्य प्रमुख यूरोपीय देशों—विशेष रूप से यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी—ने भी किया है। ऐसा न केवल इसलिए है कि वे इटली के मित्र और रणनीतिक साझेदार हैं, बल्कि इसलिए भी कि उस क्षेत्र में हजारों इतालवी नागरिक रहते हैं जिनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है, साथ ही खाड़ी में लगभग 2,000 इतालवी सैनिक तैनात हैं। यह यूरोपीय एकजुटता का एक आवश्यक कदम है, लेकिन साथ ही साथ रोकथाम का भी।”

इटली की पीएम ने कूटनीति के जरिए मामले को हल कराने की जरूरत पर बल दिया। मेलोनी ने कहा, “हम अपने यूरोपीय साझेदारों के साथ संबंध बनाए रखने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” मेलोनी ने कूटनीति की ओर लौटने की संभावनाओं का आकलन करने की योजना का भी जिक्र किया; हालांकि, उन्होंने कहा कि “जब तक ईरान अपने हमले जारी रखता है, तब तक यह संभव नहीं है।”

–आईएएनएस

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