चंडीगढ़, 9 मार्च (आईएएनएस)। पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा रविवार को पेश किए गए बजट 2026-27 पर विपक्ष ने तंज कसा है। विपक्ष ने इस बजट को निरर्थक बताते हुए जनता को ठगने वाला बताया है।
पंजाब के निर्दलीय विधायक संदीप जाखड़ ने कहा, “बजट पेश हो चुका है, लेकिन पंजाब की जनता को अब इस पर भरोसा नहीं है। पहले बजट में 16 मेडिकल कॉलेजों का वादा किया गया था, लेकिन सवा चार साल बाद भी एक भी नहीं हुआ है। मूंग के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चर्चा हुई और कई कृषि नीतियों का वादा किया गया, लेकिन अभी तक कुछ भी लागू नहीं हुआ है। इसी तरह मालवा कैनाल को लेकर जोर-शोर से वादा किया था, उस पर भी कोई काम नहीं हुआ।”
संदीप जाखड़ ने आगे कहा, “पांच करोड़ विधायक निधि की बात फिर से दोहराई गई है। पिछले मुख्यमंत्री ने यह बात कही थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बार-बार आम आदमी पार्टी सरकार अपनी नाकामियां छुपाने के लिए हमेशा भाजपा पर भेदभाव करने का आरोप लगा देती है।”
पंजाब की उप-सांसद अरुणा चौधरी कहती हैं, “बजट सिर्फ आंकड़ों की हेराफेरी है। बजट के आंकड़ों में हेरफेर किया गया है, इसमें कुछ भी नया नहीं है। पहले कहा था कि वे कोई नया कर्ज नहीं लेंगे और पुराने कर्ज चुकाने की कोशिश करेंगे। सरकार बनाने से पहले यही वादा किया गया था। इस सरकार ने जितना कर्ज ले लिया है, उतना पहले कभी किसी सरकार ने नहीं लिया है।”
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,36,080 करोड़ रुपए का बजट विधानसभा में पेश किया, जिसमें ‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना’ की घोषणा की गई है। इसमें सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1000 और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज की घोषणा की है। इस योजना के लिए 778 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के लिए कुल 5,598 करोड़ का बजट रखा है।
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