आईडीएफ में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, ऑपरेशन 'रॉरिंग लायन' में 20 फीसदी महिलाएं


इजरायल, 8 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने “रोरिंग लायन” अभियान के दौरान महिलाओं की उपलब्धि और सर्विस से संबंधित आंकड़े जारी किए हैं।

आईडीएफ ने बताया कि स्थापना के समय से ही महिलाएं इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) में सेवा दे रही हैं और उनकी सेवा का बल में महत्वपूर्ण योगदान है। आज भी “रोरिंग लायन” अभियान के दौरान महिलाएं आईडीएफ की परिचालन गतिविधियों का अभिन्न अंग हैं।

पिछले कुछ वर्षों में आईडीएफ ने महिलाओं के लिए उपलब्ध युद्ध भूमिकाओं की सीमा का विस्तार करने के उद्देश्य से कई प्रक्रियाएं शुरू की हैं। आईडीएफ में 90 फीसदी से अधिक भूमिकाएं महिलाओं के लिए खुली हैं। लगभग 20 फीसदी लड़ाकू बल महिलाओं से बना है। युद्ध के दौरान महिला लड़ाकू सैनिकों ने सभी युद्ध क्षेत्रों में व्यावसायिकता, दृढ़ संकल्प और पूर्णता के साथ कार्य करते हुए युद्ध प्रयासों में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदर्शित किया है।

ऑपरेशन ‘लायंस रोर’ के शुरू होने के साथ ही कई आरक्षित बलों को जुटाया गया और वर्तमान में सेवारत सभी आरक्षित सैनिकों में से लगभग 20 फीसदी महिलाएं हैं।

महिला लड़ाकू सैनिकों के शारीरिक, मानसिक और व्यावसायिक कल्याण की सुरक्षा प्रत्येक निर्णय में एक मार्गदर्शक सिद्धांत है। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) अपने सैन्य कर्मियों की क्षमताओं को अधिकतम करने के लिए काम करता है और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक समायोजन भी करता है। इसके साथ ही इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ)

आईडीएफ ने बताया कि 2015 में लड़ाकू बलों में महिलाओं की संख्या 7.2 फीसदी थी जबकि एक दशक बाद यह संख्या 21.2 फीसदी हैं। महिला लड़ाकू सैनिकों के अनुपात में तीन गुना वृद्धि हुई है। 2025 तक सभी स्थायी सेवा कर्मियों में महिलाओं की संख्या लगभग 35 फीसदी है। लेफ्टिनेंट कर्नल पद पर महिलाओं की संख्या लगभग 24 फीसदी और कर्नल पद पर लगभग 15 फीसदी है।

ऑपरेशन “रोरिंग लायन” के दौरान नौसेना अधिकारी पाठ्यक्रम से स्नातक लगभग 25 महिला कमांडर, मिसाइल जहाजों पर लगभग 130 महिला नौसैनिक लड़ाकू सैनिकों के साथ अभियानों में लगी हुई हैं। ऑपरेशन “रोरिंग लायन” के दौरान, नौसेना में खुफिया, योजना, कमान और गोलाबारी-निर्देशन भूमिकाओं में लगभग 40 फीसदी कर्मी महिलाएं हैं। वायु रक्षा सरणी में लगभग 50 फीसदी कर्मी महिलाएं हैं। ऑपरेशन “रोरिंग लायन” के दौरान, वायु सेना में लगभग 5,000 महिला आरक्षित सैनिक सेवा दे रही हैं। सैपिर (स्पीयर) ब्रिगेड की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध बटालियन में 40 फीसदी से अधिक लड़ाकू सैनिक महिलाएं हैं।

–आईएएनएस

ओपी/पीयूष


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