मुरादाबाद, 5 मार्च (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सांसद एसटी हसन ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर आश्चर्य जताया है। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है।
एसटी हसन ने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अब जदयू को भी इस बात का एहसास हो रहा है कि उसका जहाज डूबने जा रहा है। भाजपा ने जिस किसी भी क्षेत्रीय दल के साथ हाथ मिलाया है, उसे डूबना ही पड़ा है। भाजपा अब जदयू को भी बीच मंझधार में छोड़कर भागने वाली है।
इसके अलावा, पूर्व सासंद एसटी हसन ने निशांत कुमार को डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इसमें कोई ज्यादा बड़ी बात नहीं है। डिप्टी सीएम का पद कोई बड़ा नहीं होता है। यह एक रबड़ स्टांप जैसा होता है। अगर किसी भी स्थिति में निशांत कुमार को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी भी जा रही है, तो कौन सी ज्यादा बड़ी बात है।
साथ ही, उन्होंने अमेरिका के मौजूदा रुख की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरानी जहाज लौट रहा था। इस जहाज में कई लोग सवार थे, जिसे बम से उड़ा दिया गया। ऐसी स्थिति में यह कहना गलत नहीं होगा कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा गुंडा है।
माइट इज राइट जैसे सिद्धांत पर अमेरिका चल रहा है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यही वजह है कि आज की तारीख में पूरी दुनिया उसकी सुन रही है और मान भी रही है।
उन्होंने कहा कि 1994 में जब सभी इस्लामिक देश पाकिस्तान के साथ हो गए थे, तो उस वक्त ईरान ही एकमात्र मुल्क था, जिसने हमारा कश्मीर मसले में साथ दिया था। हमें जब तेल की जरूरत पड़ी, तो हमें सस्ती कीमत में तेल दिया और जब उसे हमारी जरूरत पड़ी, तो हम भाग गए। इस विपदा की स्थिति में हमने इजरालय का साथ देने का फैसला किया। हम लोग ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ को मानने वाले हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि हमने मासूम बच्चों की मौत पर भी कुछ नहीं कहा।
इसके अलावा, युद्ध में मारे गए मासूम बच्चों की मौत पर अखिलेश यादव की तरफ से दुख जाहिर किए जाने पर भी डॉ एसटी हसन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के मन में पीड़ा है। ईरान के साथ जो कुछ भी हो रहा है, उसे लेकर अखिलेश यादव के मन में पीड़ा है। यह सबकुछ अंतरराष्ट्रीय कानूनों को तोड़कर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से अयातुल्ला खामेनेई को मारा गया, वो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे इस्लामिक वर्ल्ड में दुख की लहर है। अगर प्रदर्शन हो रहा है, तो मैं कहूंगा कि यह गलत हो रहा है। इस तरह का कोई भी दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए, जिससे कोई गलत संदेश जाए। अपने जोश को होश पर हावी नहीं होना देना चाहिए। सभी लोगों का दिल दुखा हुआ है।
–आईएएनएस
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