संयुक्त राष्ट्र, 3 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने खाड़ी क्षेत्र के कई नेताओं से बातचीत की है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को कहा कि क्षेत्र में हो रही सैन्य गतिविधियों का पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात का सबसे ज्यादा असर हमेशा कमजोर और गरीब देशों पर पड़ता है।
खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ता है। सोमवार को तेल की कीमतों में 5.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगर होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही बंद होती है, तो ऊर्जा की कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि गुटेरेस खास तौर पर इस बात को लेकर चिंतित हैं कि हमले उन देशों तक फैल सकते हैं, जो शुरुआत में इस संघर्ष में शामिल नहीं थे। इनमें खाड़ी देश, जॉर्डन, सीरिया और लेबनान जैसे देश शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इस समय सबसे जरूरी है कि क्षेत्र में तनाव खत्म करने का रास्ता निकाला जाए। गुटेरेस ने फिर से अपील की है कि तुरंत संघर्ष रोका जाए, हालात को और बिगड़ने से रोका जाए और अच्छे संवाद तथा बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।
प्रवक्ता के अनुसार, गुटेरेस ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी और छह सदस्यीय खाड़ी सहयोग परिषद के राजदूतों से बातचीत की।
कतर के अमीर के साथ बातचीत में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और सैन्य तनाव को जल्द खत्म कर स्थिरता के लिए बातचीत की राह पर लौटने की जरूरत पर चर्चा हुई।
दुजारिक ने कहा, “अल्बुसैदी के साथ अपनी बातचीत के दौरान, गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिशों के लिए ओमान को धन्यवाद दिया, और ईरान के खिलाफ हमलों और खाड़ी देशों पर ईरानी हमलों की निंदा दोहराई।”
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर यह हमले जिनेवा में ईरान और इजरायल के बीच हुई आखिरी वार्ता के दो दिन बाद किए। यह वार्ता ओमान की मध्यस्थता से आयोजित की गई थी।
–आईएएनएस
एएस/
