खामेनेई की मौत के बाद मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, 'दुनिया में दादागिरी करना चाहते हैं अमेरिका और इजरायल'


लखनऊ, 2 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल-अमेरिकी हमलों में ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत के शिया मुस्लिम समुदाय में आक्रोश है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि अमेरिका और इजरायल दुनिया में दादागिरी करना चाहते हैं।

मौलाना यासूब अब्बास ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “बहुत अफसोस की बात है जिस प्रकार ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने जंग थोपी है। इसमें अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई है। इससे अगर अमेरिका यह समझता है कि वह जीत गया है तो ऐसा नहीं है। मकसद देखा जाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर आपका मकसद जिंदा है तो आप कामयाब हैं और अगर मकसद खत्म हो गया तो आप जंग हार गए हैं। खामेनेई मारे गए हैं, लेकिन उनका मकसद जिंदा है। उनके लोग उनकी लड़ाई लड़ रहे हैं। ईरान थोपी गई लड़ाई को अच्छे से लड़ रहा है।”

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, “अमेरिका और इजरायल दुनिया में दादागिरी करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उन्हें सुपरपावर के रूप में तस्लीम किया जाए। लेकिन ईरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि असली सुपरपावर अल्लाह की शक्ति है, ईश्वर की शक्ति है। न अमेरिका सुपरपावर है, न रूस और न ही इजरायल। खामेनेई ने इस दौर की तथाकथित सुपरपावर ताकतों की आंखों में आंखें डालकर कह दिया कि हम अल्लाह को सुपरपावर मानते हैं, तुम्हें नहीं।”

यासूब अब्बास ने कहा कि कल इमाम हुसैन और इस्लाम का जो मकसद था, वह जिंदा है। आज खामेनेई साहब और ईरान का जो मकसद है, वह भी जिंदा है।

इसी बीच, यासूब अब्बास ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के ‘सिर्फ पांच मिनट’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जितने हिंदुस्तान में मुसलमान रहते हैं, उन्होंने हिंदुस्तान को माना है, यहां की मातृभूमि को माना है।”

इससे पहले, नितेश राणे ने कथित तौर पर कहा कि ’15 मिनट छोड़ो सिर्फ पांच मिनट पुलिस हटा कर देखो तुम्हें तुम्हारे पाकिस्तान में बैठे अब्बा के पास भेज देंगे।”

यासूब अब्बास ने नितेश राणे के ‘हिंदू राष्ट्र है, यहां 90 फीसदी हिंदू ही रहते हैं’ वाले बयान पर कहा, “बहुत अफसोस की बात है जिस तरह से महाराष्ट्र के मंत्री का बयान आया है। वह जिस तरीके से भड़काऊ बयान दे रहे हैं, पूरी तरीके से उनकी जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। यह राष्ट्र न हिंदू का है, न मुसलमान का है। यह राष्ट्र सभी का है, यहां सब रहते हैं।”

–आईएएनएस

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