युमनाम खेमचंद सिंह ने शिक्षकों की कमी दूर करने का दिया आश्वासन, कई परियोजनाओं का उद्घाटन


इंफाल, 1 मार्च (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।

इंफाल पूर्व जिले के मोइरांगपुरेल हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की भारी कमी के कारण स्कूल का संचालन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि न केवल इस स्कूल बल्कि ऐसे अन्य शिक्षण संस्थानों में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जहां इसी तरह की समस्या है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तीन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत इथाम मोइरांगपुरेल पुल, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत एक मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल और समग्र शिक्षा मणिपुर के अंतर्गत मोइरांगपुरेल हायर सेकेंडरी स्कूल का नया विज्ञान एवं कला भवन शामिल हैं।

इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (इंफाल–दीमापुर) के लमलई से थोउबल डैम तक के हिस्से के उन्नयन कार्य को भी हरी झंडी दिखाई।

मोइरांगपुरेल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कुछ सुरक्षा कर्मियों की कथित संलिप्तता वाली अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने इंफाल पूर्व के पुलिस अधीक्षक शिवानंद सुर्वे को विस्तृत जांच के निर्देश दिए।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने इंफाल पूर्व की उपायुक्त निवेदिता लाइरेनलाक्पम को निर्देश दिया कि वे लाइखोंग गांव के जातीय हिंसा से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को गद्दे खरीदने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सहायता न मिलने के मामले पर रिपोर्ट सौंपें। उपायुक्त ने गृह विभाग के साथ समन्वय कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

विज्ञान एवं कला भवन का निर्माण 3.78 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से समग्र शिक्षा मणिपुर के तहत किया गया। इसमें कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय और वर्षा जल संचयन प्रणाली शामिल हैं।

मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की सहायता से लगभग 25.62 करोड़ रुपये की लागत से किया गया।

इथाम मोइरांगपुरेल पुल का निर्माण इंफाल पूर्व जिले के केराओ बित्रा ब्लॉक में थोउबल नदी पर लगभग 6.45 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से किया गया।

–आईएएनएस

डीएससी


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