भारत-अमेरिका संबंध: राज्यों और सेक्टर्स में बढ़ता विस्तार


वॉशिंगटन, 28 फरवरी (आईएए) इस सप्ताह अमेरिका में भारतीय राजनयिकों और अमेरिका के वरिष्ठ नेताओं के बीच कई अहम बैठकें हुईं। इन बैठकों में व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

बिस्मार्क में, सिएटल में भारत के कॉन्सुल जनरल, प्रकाश गुप्ता ने नॉर्थ डकोटा की गवर्नर केली आर्मस्ट्रांग और फर्स्ट लेडी जेर्स्टी आर्मस्ट्रांग से डिनर पर मुलाकात की।

इंडिया इन सिएटल ने 27 फरवरी को कहा, “आज बिस्मार्क में नॉर्थ डकोटा की गवर्नर माननीय केली आर्मस्ट्रांग और फर्स्ट लेडी जेर्स्टी आर्मस्ट्रांग को डिनर पर होस्ट करना बहुत अच्छा लगा। ट्रेड, कल्चर और लोगों के बीच जुड़ाव में भारत-नॉर्थ डकोटा के द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने में उनके मजबूत सपोर्ट के लिए गवर्नर का धन्यवाद।”

गवर्नर आर्मस्ट्रांग ने भी इस बैठक को सकारात्मक बताया। गवर्नर ने कहा, “बिस्मार्क की अपनी यात्रा के दौरान सिएटल में भारत के कॉन्सुल जनरल, प्रकाश गुप्ता के साथ आज बहुत अच्छी मीटिंग हुई। हमारे पास भारत के साथ अपने ट्रेड रिलेशनशिप को बढ़ाने के मौके हैं, खासकर एग्रीकल्चर, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी में। इस मीटिंग को आगे बढ़ाने और इस शानदार पार्टनरशिप को जारी रखने के लिए उत्साहित हूं।”

ह्यूस्टन में, कॉन्सुल जनरल डी.सी. मंजूनाथ ने 24 फरवरी को हनीवेल की फैसिलिटी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी के अधिकारियों और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

बैठक में वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति, नई उभरती तकनीक, बाजार में बदलाव और हनीवेल की विकास यात्रा पर चर्चा हुई। दूतावास ने कहा कि यह जानकर उत्साहजनक लगा कि अमेरिका के बाहर भारत, हनीवेल के लिए सबसे बड़ा केंद्र है। यह दोनों देशों के बीच मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को दर्शाता है।

बातचीत में टाटा हनीवेल की विरासत और हनीवेल इंडिया के विकास का भी जिक्र हुआ। दोनों पक्षों ने भविष्य में ऊर्जा परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और उन्नत औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

यह विजिट हनीवेल के एक्सपीरियंस सेंटर के टूर के साथ खत्म हुई, जिसमें “इंडस्ट्री के भविष्य को आकार देने वाले कटिंग एज सॉल्यूशन” दिखाए गए। दूतावास ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच नवाचार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग आगे भी जारी रहेगा।

इसके अलावा, साउथ और सेंट्रल एशिया के असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट पॉल कपूर ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के 2026 ग्लोबल इंडिया कॉन्फ्रेंस में बात की। उन्होंने अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के साथ साझेदारी पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत मिलकर एक सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ होगा।

कपूर ने कैमडेन, न्यू जर्सी में होल्टेक के टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब का भी दौरा किया। वहां उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस सिंह से मुलाकात की।

उन्होंने बताया कि होलटेक की परमाणु ऊर्जा से जुड़ी निवेश योजनाओं और भारतीय कंपनियों के साथ उसकी साझेदारी पर चर्चा हुई। यह साझेदारी रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने में सहायक हो सकती है।

पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है। व्यापार, ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकी दोनों देशों के संबंधों के मुख्य आधार बन चुके हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। इसके अलावा, दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में और क्वाड जैसे मंचों के माध्यम से भी एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

–आईएएनएस

एएस/


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