भारत-इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौते को भी दिया जा रहा बढ़ावा : इजरायल के महावाणिज्य दूत


नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इजरायल दौरा अब खत्म हो चुका है। इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत की और दोनों देशों के बीच संबंध ज्यादा मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के बीच लंबे समय से संबंध मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को बढ़ावा देने की कोशिश भी की जा रही है।

पीएम मोदी और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच की दोस्ती को लेकर मुंबई में इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने कहा, “दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से एक मजबूत संबंध रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी इजरायल गए थे और उस समय प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मिले थे। उनके हाल के दौरे के दौरान, इजरायल के लोगों, संसद के सदस्यों, इजरायल में भारतीय समुदाय और पत्रकारों की गहरी तारीफ साफ दिखी। उन्होंने भारत, प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार की तारीफ की, जिसने पिछले ढाई सालों में इजरायल का साथ दिया है।”

पीएम मोदी को इजरायल के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। इसे लेकर उन्होंने कहा, “यह सबसे बड़ा अवॉर्ड है जो इजरायल की पार्लियामेंट असल में दे सकती है। यह प्रधानमंत्री मोदी के लिए गहरी तारीफ और सम्मान दिखाता है, न सिर्फ पिछले दस सालों में भारत के लिए उनके योगदान के लिए, बल्कि भारत और इजरायल के बीच डिप्लोमैटिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए भी।”

भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग पर यानिव रेवाच ने कहा, “रक्षा सहयोग दोनों देशों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि दोनों ही पुरानी सभ्यताएं मुश्किल इलाकों में हैं और आतंकवादी गतिविधियों का शिकार रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर के आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए इजरायल दौरे के दौरान यह बात साफ कर दी थी। इजरायल ने आतंकवाद के किसी भी काम के खिलाफ भारत को पूरा समर्थन दिया है। दोनों देश अलग-अलग डिफेंस सिस्टम बनाने में मिलकर काम करेंगे, जिसमें दूर तक हमला करने के लिए एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल हैं, जो भविष्य में भारत के लिए बहुत असरदार होंगी।”

उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के बीच सहयोग के कई क्षेत्र हैं। डिफेंस, स्पेस, एनर्जी और साइबर के अलावा, दोनों देश साइंस और एजुकेशन, पानी, एआई, फिनटेक, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर वगैरह पर भी फोकस करेंगे। यह जरूरी है कि दोनों देश को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन पर मिलकर काम करें, जो पार्टनरशिप का एक अहम पहलू है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को बढ़ावा देने की भी कोशिशें चल रही हैं।

उन्होंने पीएम मोदी के इजरायल दौरे पर कहा, “मेरा मानना ​​है कि यह एक अहम समय पर एक बहुत जरूरी दौरा था। सच तो यह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम के तौर पर दूसरी बार और कुल मिलाकर तीसरी बार इजरायल का दौरा किया, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनका पिछला दौरा भी शामिल है। इजरायल में उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ, जो इजरायली लोगों की गहरी तारीफ को दिखाता है। यह समझना जरूरी है कि भारत और इजरायल के बीच बहुत अनोखे और खास संबंध हैं। इजरायल भारत को एक ग्लोबल सुपरपावर और बेशक, दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी के तौर पर देखता है। दोनों नेताओं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू और प्रधानमंत्री मोदी के बीच भी एक अनोखा कनेक्शन है।”

–आईएएनएस

केके/एबीएम


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