केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इनोवेटर्स के लिए रेल टेक पॉलिसी और आरसीटी के डिजिटलीकरण की घोषणा की


मुंबई, 26 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को भारतीय रेल की प्रमुख “52 सप्ताह में 52 सुधार” पहल के तहत सुधार संख्या तीन और सुधार संख्या चार के रूप में रेल टेक नीति और रेल दावा न्यायाधिकरण (आरसीटी) के पूर्ण डिजिटलीकरण की घोषणा की।

रेल टेक नीति का उद्देश्य भारतीय रेल में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स, उद्योग और संस्थानों को शामिल करना है।

रेल मंत्रालय ने बयान में कहा कि नई नीति इनोवेटर्स के चयन को सरल बनाती है और इनोवेटर्स के लिए एक समर्पित ‘रेल टेक पोर्टल’ की शुरुआत करती है।

इस नीति में यूजर के अनुकूल इंटरफेस प्रदान किया गया है, विस्तार अनुदान को तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया है और प्रोटोटाइप विकास तथा परीक्षणों के लिए अधिकतम अनुदान को दोगुना कर दिया गया है।

इस नीति के तहत प्रमुख इनोवेशन सेक्टर्स में एआई-आधारित एलीफेंट इंट्रुजन डिटेक्शन सिस्टम (ईआईडीएस), कोचों में एआई-आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम, ड्रोन-आधारित ब्रोकेन रेल डिटेक्शन सिस्टम, रेल स्ट्रेस मॉनिटरिंग सिस्टम, पार्सल वैन (वीपीयू) पर सेंसर-आधारित लोड कैलकुलेशन डिवाइस, कोचों पर सौर पैनल, एआई-आधारित कोच सफाई निगरानी प्रणाली, कोहरे वाले मौसम में बाधा पहचान और एआई-आधारित पेंशन और विवाद समाधान प्रणाली शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने तीसरे सुधार की रूपरेखा बताते हुए कहा कि रेल टेक नीति का उद्देश्य रेलवे में टेक्नोलॉजी का व्यापक और व्यवस्थित समावेश करना है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि स्टार्टअप्स, रिसर्च और इनोवेटर्स को निश्चित रूप से भारतीय रेल से एक संरचित, सार्थक और सरल तरीके से जुड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को, जिसके पास कोई सशक्त टेक्नोलॉजी विचार हों, एक समर्पित रेल टेक पोर्टल के माध्यम से रेल से संपर्क करने की सुविधा मिलनी चाहिए, जो पूरी तरह से डिजिटल और संपूर्ण प्रक्रिया के माध्यम से कार्य करेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य कठोर विनिर्देशों पर आधारित वेंडर चयन की पूर्व जटिल प्रणाली से हटकर, नई टेक्नोलॉजी के परीक्षण और अपनाने पर केंद्रित एक सरल, इनोवेशन-संचालित संरचना तैयार करना है।

वैष्णव ने सुधार संख्या चार में रेल दावा न्यायाधिकरण (आरसीटी) के पूर्ण डिजिटलीकरण और एआई-सक्षम रूपांतरण की घोषणा की। ई-आरसीटी प्रणाली रेलवे दावा न्यायाधिकरण के संपूर्ण कम्प्यूटरीकरण और डिजिटलीकरण को सक्षम बनाएगी। यह दावों को दाखिल करने, संसाधित करने और उनका निपटारा करने की प्रक्रिया को तेज, अधिक पारदर्शी और देश में कहीं से भी सुलभ बनाकर उसमें क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

–आईएएनएस

एबीएस/


Related Articles

Latest News