कोलंबो, 25 फरवरी (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड ने श्रीलंका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मैच को 61 रन से अपने नाम किया। रचिन रविंद्र ने आर प्रेमदासा स्टेडियम में बुधवार को खेले गए मैच में 27 रन देकर 8 विकेट हासिल किए। इससे पहले उन्होंने 22 गेंदों में 4 बाउंड्री के साथ 32 रन बनाए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने 7 विकेट खोकर 168 रन बनाए। इसके जवाब में श्रीलंका 8 विकेट खोकर सिर्फ 107 रन ही बना सका। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल की उम्मीदों को बरकरार रखा है। अगर यह टीम इंग्लैंड के विरुद्ध अपना अगला मैच जीत लेती है, तो नॉकआउट में उसकी जगह पक्की हो जाएगी।
इस जीत पर खुशी जताते हुए 26 वर्षीय रचिन रविंद्र ने कहा, “इस तरह की जीत हमेशा सुकून देती है, खासतौर पर विरोधी टीम की घरेलू परिस्थितियों में आकर अच्छा क्रिकेट खेलना। जाहिर है, श्रीलंका को श्रेय जाता है, वे घर पर खास तौर पर शानदार रहते हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह हमारे लिए लगभग एक संपूर्ण प्रदर्शन था। पूरी टीम से योगदान देखना वाकई शानदार रहा।”
यह दूसरी बार है, जब न्यूजीलैंड ने टी20 क्रिकेट में 17 ओवर स्पिन गेंदबाजी की है, इससे पहले 2023 में लखनऊ में भारत के खिलाफ भी इतने ही ओवर स्पिन गेंदबाजी की थी।
रचिन ने कहा, “मुझे लगता है कि यह समझ बन गई थी कि धीमी गति बेहतर है। हमारे पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले भी 85 किलोमीटर/प्रतिघंटा से कम गति और पिच से मिलने वाले टर्न को लेकर कुछ आंकड़े सामने आए थे। इस मामले में कप्तान मिचेल सेंटनर से बेहतर कौन समझा सकता है, वह इस कला के उस्ताद हैं। स्पिन ग्रुप के तौर पर हमने आपस में बात की और तय किया कि पेस कम रखना बेहतर रहेगा। खासकर जिस तरह महेश दीक्षाना ने हमें ऑफ-स्पिन और धीमी गति से गेंदबाजी की, उससे स्पष्ट तौर पर दिखा कि पिच में पकड़ है।”
इस मुकाबले में 32 रन की पारी खेलने के बाद गेंद से 4 विकेट हासिल करने पर रचिन ने कहा, “मेरे लिए सबसे अहम बात टीम के लिए योगदान देना है। टॉप-3 में बल्लेबाजी करना और कुछ ओवर डाल पाना टीम का संतुलन बेहतर करता है। इन परिस्थितियों में मैं घर की तुलना में थोड़ा ज्यादा गेंदबाजी करता हूं। अच्छा लगता है कि चाहे बल्ले से दिन अच्छा न भी जाए, तो गेंद से योगदान दिया जा सकता है और इसके उलट भी।”
रचिन रविंद्र ने श्रीलंकाई दर्शकों की तारीफ में कहा, “श्रीलंकाई दर्शक कमाल के थे। राष्ट्रगान सुनना और ऐसे छोटे-छोटे पल आपको याद दिलाते हैं कि आप यह खेल क्यों खेलते हैं। एक दौर ऐसा भी आया जब वे ‘न्यूजीलैंड-न्यूजीलैंड’ चिल्ला रहे थे, वो पल वाकई खास थे। ऐसे ही मौकों के लिए आप बड़े मंचों पर खेलना चाहते हैं। उन्हें पूरा श्रेय जाता है, जब भी श्रीलंका खेलता है, वे बड़ी संख्या में मैदान पर आते हैं।”
–आईएएनएस
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