Monday, February 23, 2026

हिमाचल प्रदेश का पहला ट्यूलिप गार्डन, 70 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने किया दीदार


पालमपुर, 23 फरवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में धौलपुर पर्वत श्रृंखलाओं की पृष्ठभूमि में स्थित सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) का ट्यूलिप गार्डन, राज्य का पहला और कश्मीर के बाद देश का दूसरा महत्वपूर्ण ट्यूलिप गार्डन है।

सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान अब अपने चौथे वर्ष में है और एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो चुका है। यह ट्यूलिप गार्डन देश के कोने-कोने से पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।

सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर की ओर से स्थापित, हिमाचल प्रदेश का पहला ट्यूलिप गार्डन है। इस साल गार्डन 10 फरवरी को जनता को समर्पित होने के बाद पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

आईएएनएस से बात करते हुए निदेशक, सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर डॉ. सुदेश कुमार यादव ने कहा, “अभी तक 70 हजार से अधिक लोग इस गार्डन का दीदार कर चुके हैं। पिछले वर्षों में यह संख्या एक लाख से अधिक रही है। इस बार गार्डन में 1.5 लाख तक पर्यटकों की संख्या होने की संभावना है।”

ट्यूलिप गार्डन देखने आए हुए पर्यटकों ने कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। संस्थान द्वारा बहुत ही सराहनीय कार्य किया गया है। पालमपुर में ट्यूलिप की खेती की यात्रा 2018 में हॉलैंड से लाए बल्बों के आयात के साथ शुरू हुई, जिसके बाद संस्थान में स्थानीय उत्पादन के लिए व्यापक परीक्षण किए गए।

ट्यूलिप की किस्मों की देखभाल के साथ, संस्थान ने फूल और बल्ब उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते हुए, व्यावसायिक खेती की संभावनाओं का पता लगाने के लिए प्रयोगात्मक उपक्रम शुरू किए। कश्मीर के ‘इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन’ के बाद पालमपुर में देश का दूसरा ट्यूलिप गार्डन सीएसआईआर आईएचबीटी संस्थान पालमपुर में विकसित किया गया है। यह ट्यूलिप गार्डन पूरी तरह से स्वदेशी ट्यूलिप पौधों से विकसित किया गया है।

–आईएएनएस

दीपा मिश्रा/एबीएम


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