Monday, February 23, 2026

महाराष्ट्र : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष को दी आरोपों को विधानसभा में साबित करने की चुनौती


मुंबई, 22 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) को चुनौती दी कि वह सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों को राज्य विधानमंडल में बजट सत्र के दौरान साबित करे।

कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, एकनाथ शिंदे ने विपक्ष की आलोचना की और कहा कि वह विधानसभा के बाहर आरोप लगाने के बजाय सदन में मुद्दे उठाए।

उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष के पास भ्रष्टाचार या प्रशासनिक लापरवाही के ठोस सबूत हैं, तो उन्हें विधानमंडल में पेश किया जाए, जहां उन पर औपचारिक चर्चा हो सकती है।

शिंदे ने विपक्ष की एकजुटता पर भी सवाल उठाया और कहा कि विधानसभा और विधान परिषद दोनों में आधिकारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष नियुक्त नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति का फैसला विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति करेंगे, इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण योजनाओं पर ध्यान दे रही है। उन्होंने ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का कामकाज सदन में होने वाली चर्चा में खुद साबित हो जाएगा।

शिंदे ने नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की भी आलोचना की और कहा कि ऐसे कदम देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।

मुलुंड में निर्माणाधीन मेट्रो स्थल पर हाल ही में खंभा गिरने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। संबंधित कार्यकारी अभियंता को निलंबित किया गया और चल रही सभी परियोजनाओं का सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया गया।

उन्होंने बताया कि हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों को पूरा इलाज देने की घोषणा की गई है। साथ ही एमएमआरडीए ने अतिरिक्त 15 लाख रुपए मुआवजा देने की भी घोषणा की है।

शिंदे ने कहा कि 2026-27 का आगामी बजट जनकल्याण और विकास पर केंद्रित होगा और इससे राज्य के नागरिकों को लाभ मिलेगा।

–आईएएनएस

एएमटी/एमएस


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