Sunday, February 22, 2026

भारत के किसान नए बाजारों पर दे रहे ध्यान, 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने ओडिशा के युवा किसान की कहानी बताई


नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 131वें एपिसोड में रविवार को भारत के किसानों की बदलती सोच और नवाचार की सराहना की।

पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नए बाजारों और आधुनिक तरीकों पर भी ध्यान दे रहे हैं, जिससे उनकी आय और उत्पादन क्षमता दोनों बढ़ रही हैं।

प्रधानमंत्री ने ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल की प्रेरक कहानी साझा करते हुए बताया कि करीब आठ साल पहले तक हिरोद पटेल अपने पिता शिव शंकर पटेल के साथ पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे। लेकिन उन्होंने खेती को नए नजरिये से अपनाया और अपने खेत को बहुउद्देशीय मॉडल में बदल दिया।

हिरोद पटेल ने खेत के तालाब के ऊपर मजबूत जालीदार ढांचा बनाकर उस पर बेल वाली सब्जियां उगाईं। तालाब के चारों ओर केले, अमरूद और नारियल के पेड़ लगाए और साथ ही तालाब में मछली पालन भी शुरू किया। इस तरह एक ही स्थान पर पारंपरिक खेती, सब्जी उत्पादन, फल उत्पादन और मछली पालन होने लगा। इससे जमीन का बेहतर उपयोग हुआ, पानी की बचत हुई और उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

प्रधानमंत्री ने केरल के त्रिसूर जिले के एक गांव का भी उल्लेख किया, जहां एक ही खेत में 570 किस्मों के धान की खेती की जा रही है। इनमें स्थानीय, हर्बल और अन्य राज्यों से लाई गई प्रजातियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल खेती नहीं, बल्कि बीजों की विरासत को संरक्षित करने का एक बड़ा अभियान है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि किसानों की मेहनत का असर उत्पादन के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन चुका है और देश में 15 करोड़ टन से अधिक चावल का उत्पादन हो रहा है। भारत न केवल अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

–आईएएनएस

वीकेयू/एएस


Related Articles

Latest News