Sunday, February 22, 2026

संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत विद्या भारती, दिल्ली प्रांत के सप्तशक्ति संगम समापन समारोह सम्पन्न


नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मातृशक्ति के सशक्तिकरण, संगठन एवं जागरण के उद्देश्य से देशव्यापी “सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

भगवद्गीता के दशम अध्याय में वर्णित स्त्री की सात दिव्य शक्तियों श्री, वाक्, कीर्ति, मेधा, क्षमा, धृति एवं स्मृति को जागृत करने के भाव से यह अभियान संचालित किया गया।

देशभर में लगभग 22,000 कार्यक्रमों के माध्यम से 26 लाख से अधिक मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता इस अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धि रही। इसी श्रृंखला में दिल्ली प्रांत का सप्तशक्ति संगम समापन समारोह 21 फरवरी 2026 को कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत की उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कुटुंब प्रबोधन में नारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा परिवार में नारी सम्मान को बनाए रखना सामाजिक स्थिरता का आधार है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का अंग बनाने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता डॉ. रमा शर्मा (प्राचार्य, हंस राज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने नारी को राष्ट्र की आधारशिला बताते हुए उसके समग्र विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नारी की उपलब्धियां चाहे जितनी व्यापक हों, मातृत्व का गुण उसे सर्वोच्च गरिमा प्रदान करता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षा डॉ. ज्योति चौथाईवाले (राष्ट्रीय सह सचिव, भारतीय स्त्री शक्ति) ने अपने उद्बोधन में कहा कि सशक्त परिवार ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करता है और परिवार सुदृढ़ीकरण में नारी की भूमिका केंद्रीय है।

कार्यक्रम की संयोजिका कविता विश्नोई ने दिल्ली प्रांत में आयोजित 84 संगमों का विवरण प्रस्तुत किया। उत्तर क्षेत्र संयोजिका गीता आहूजा ने अखिल भारतीय स्तर पर संचालित संगमों का प्रतिवेदन रखा। संगमों का उद्देश्य प्रांत टोली सदस्य लक्ष्मी सिंह द्वारा रखा गया तथा मंच संचालन सुनीता जैन द्वारा किया गया।

दिल्ली प्रांत के समापन समारोह में 200 से अधिक प्रबुद्ध एवं सक्रिय महिलाओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित मातृशक्ति द्वारा भारतीय जीवन मूल्यों के अनुरूप स्वयं को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया गया। “वंदे मातरम्” के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

–आईएएनएस

एएमटी/डीएससी


Related Articles

Latest News